पुनर्जन्म


क्या मरने के बाद भी इसी दुनिया में रहेंगे ?

मृत्यु के बाद हमारा अस्तित्व ख़त्म हो जाता है | हमारा वर्तमान जीवन सिर्फ़ एक योनि के लिए है | मृत्यु के बाद हमारी आत्मा क्या रूप धारण करेंगी यह किसी को नहीं मालूम | आत्मा कार्मिक बैलेंस के अनुसार नया शरीर धारण करती है | मृत्यु के समय है अगर आत्मा को कार्मिक बैलेंस के अनुसार माता पिता नहीं […]


आदमी मरने के बाद कहाँ जाता है ?

मृत्यु के बाद आत्मा तुरंत एक नया शरीर धारण करती है अगर उसे मैचिंग पैरेंट्स मिल जाएं | अगर नहीं तो आत्मा स्वर्ग या नरक में वास करती है | स्वर्ग में अगर मरते वक़्त कार्मिक शेष पुण्य है और नरक अगर पाप | इस शीतनिष्क्रियता अवस्था से आत्मा उसी क्षण मुक्त हो जाती है जब धरती पर मैचिंग पैरेंट्स […]


आत्मा परिवार से दूर पुनर्जन्म लेना चाहती है तो आत्मा की इच्छा को प्राथमिकता मिलती है या नहीं ?

आत्मा अगला शरीर कहां धारण करेगी यह आत्मा decide नहीं करती | आत्मा सिर्फ शरीर धारण करती है, बाकी सब जीव का, जो शरीर उसने धारण किया है |   हिटलर के कारण लाखों यहूदियों की मृत्यु हो गई | किसका दोष है | हिटलर की आत्मा का ? नहीं | जब हिटलर यह दुष्ट काम कर रहा था तो […]


पुराना शरीर छोड़ने और नया शरीर धारण करने के मध्य आत्मा के साथ क्या होता हैं ?

पुराना शरीर त्यागने के बाद अगर आत्मा को कार्मिक इंडेक्स से मैचिंग माता पिता मिल जाते हैं तो एक भी शण गवाएं बिना आत्मा दूसरा शरीर धारण कर लेती है | अगर मैचिंग parents नहीं available (उपलब्ध) हैं पूरी धरती पर, ८०० करोड़ लोगों में तो आत्मा विश्राम करती है, hibernate करती है स्वर्ग या नरक में | दोनों स्वर्ग […]


मरने के बाद आत्मा कब भटकती है ?

सभी आत्माएं हमेशा से सूर्य के गर्भ में विद्यमान हैं | आत्मा एक चेतना, चेतन तत्व है जो एक करोड़ degrees centigrade से ज्यादा ताप उत्पन्न करती हैं | या यूं कहें कि आत्मा को रहने के लिए १ करोड़ degrees से ज्यादा temperature की जरूरत पड़ती है, जो उसे सूर्य के गर्भ में ही मिलता है |   सूर्य […]


एक दिन हम सबको नष्ट होना है तो जन्म ही क्यों हुआ ?

सोच में त्रुटि है | मरें हमारे दुश्मन | भगवद गीता में कृष्ण स्पष्ट कहते हैं – हम शरीर नहीं आत्मा हैं | जब मौत आएगी शरीर नष्ट हो जाएगा | इसलिए हिन्दू धर्म में मरे हुए शरीर को जला देते हैं, गाड़ते नहीं | अब हम आत्मा हैं तो हैं, इसमें हमारा क्या दोष | भगवान ने बनाया तो […]


मृत्यु के बाद अगला जन्म कैसे कहां होगा – ये कौन तय करता है ?

जब एक accountant company की balance sheet फाइनल करता है तो अगले साल की शुरआत में balance sheet में क्या लिखता है | अगर balance sheet का closing balance १०,०९८/= रुपए था तो नए वर्ष का ओपनिंग balance भी १०,०९८/= रुपए ही होगा | ये value change नहीं की जा सकती |   इसी प्रकार मृत्यु के समय हमारा जो […]


पुनर्जन्म के होने या न होने से क्या – न तो हमें पिछला जन्म का याद रहता है न ही अगले जन्म का

हमें फ़र्क नहीं पड़ता (क्योंकि हम अपनी अहम, मैं से बंधे हैं), लेकिन हमारी आत्मा जिसने यह शरीर धारण किया है, उसे बहुत फ़र्क पड़ता है | क्यों ? आत्मा चाहती है जन्म और मृत्यु के बंधन से छुटकारा | खुद आत्मा दृष्टा की भांति काम करती है और जिम्मेदारी शरीर की होती है कि मनुष्य अध्यात्म की राह पकड़ […]


मृत्यु के बाद पुनर्जन्म कैसे होता है ?

धरती मां से जुड़ी हर आत्मा सूर्य के गर्भ में स्थित है | वहां से वे रिमोट कंट्रोल द्वारा हमारे हृदय को संचालित करती हैं | जब धरती पर मृत्यु होती है मतलब शरीर मर गया तो सूर्य में आत्मा ने remote switch OFF कर दिया होता है | अब आत्मा को नया शरीर चाहिए | मरे शरीर का जो […]


जब मृत्यु होती है तो आत्मा शरीर त्याग दूसरा जन्म लेती है तो ये भूत प्रेत कहाँ से आ गए ?

जब जीव की मृत्यु होती है तो आत्मा तुरंत मैचिंग माता पिता ढूंढ नया शरीर धारण कर लेती है | अगर मैचिंग माता पिता धरती पर उपलब्ध नहीं तो आत्मा उस समय तक जब तक मैचिंग parents उबलव्ध हों, स्वर्ग या नर्क में hibernation (शीतनिद्रा) की स्थिति में समय व्यतीत करती है |   भूत और प्रेत पूरी दुनिया में […]


मृत्यु के पश्चात आत्मा अस्तित्व में है अथवा उसका पुनर्जन्म हो चुका है कैसे पता लगाया जा सकता है ?

ब्रह्म ने ऐसा कोई प्रावधान, साधन नहीं निमित्त किया है जिससे यह मालूम चल सके कि मरने के बाद आत्मा नया शरीर कब और कहां धारण करेगी | ऐसा क्यों ? मृत्यु को प्राप्त मनुष्य के मृत्यु के समय का karmic balance तय करेगा अगला जन्म कहां और कब होगा |   अगर karmic balance के आधार पर धरती पर […]


मृत्यु और जन्म के बीच आत्मा की क्या अवस्था है ?

शरीर छुट जाने के बाद अगर आत्मा को धरती पर मैचिंग parents नहीं मिलते, तो नए parents के available होने तक आत्मा स्वर्ग या नरक में वास करती है hibernation (सीतनिद्रा, शीतनिष्क्रियता) की स्थिति में |   आत्मा स्वर्ग में वास करती है अगर मृत्यु के समय karmic balance positive (पुण्य) है और नरक में अगर karmic balance negative (पाप) […]


आत्मा अपने लिए शरीर का चयन कैसे करती है ?

यह automated process है, किसी को कुछ नहीं करना होता | धरती पर मृत्यु होती है, free हुई आत्मा को मृत्यु के समय के karmic balance के आधार पर नया शरीर मिल जाता है | परेशानी तब होती है जब matching parents पूरी धरती पर उपलब्ध नहीं हों | ऐसे में आत्मा स्वर्ग या नर्क में वास करती है उस […]


आत्मा मनुष्य के मरने के कितने दिन बाद दोबारा जन्म लेती हैं ?

तुरंत, 1 सेकंड गवाएं बिना | मरणोपरांत अगर matching parents उपलब्ध हैं तो तुरंत आत्मा नया शरीर धारण कर लेती है | समय गवाने की कोई वजह नहीं | ब्रह्म के दरबार में सब कुछ तुरंत होता है, automated है |   जब मानव शरीर की मृत्यु हो जाती है तो सूर्य में बैठी आत्मा matching मां के गर्भ में […]


इंसान के मरने के बाद दोबारा जन्म क्यों होता है ?

हमारी आत्मा अपने एक जीवन में 11 लाख मनुष्य योनियों के फेर से गुजरती है | वह तब तक शरीर धारण करती रहेगी जब तक पूर्णतया शुद्धि न पा जाए | मनुष्य खुद पैदा नहीं होता | यह मनुष्य शरीर तो हमारी आत्मा ने धारण किया है जो सूर्य के गर्भ में बैठी है | वहीं से हमारे हृदय को […]


क्या मानव मृत्यु के बाद फिर जन्म लेता है ?

जब मानव शरीर की मृत्यु हो जाती है तो भारतीय विधि अनुसार मृत शरीर को जला दिया जाता है | जलाया उसी को जाता है जिसका पुनर्जन्म नहीं | भारतीय शास्त्रानुसार शरीर तो आत्मा ने धारण किया था | वह शरीर सिर्फ एक जीवन के लिए था | हां, मृत्यु के बाद आत्मा नया शरीर धारण करेगी अगर मैचिंग पैरेंट्स […]


मरने के बाद मनुष्य का क्या होता है ?

हर मनुष्य का जीवन सिर्फ और सिर्फ एक योनि के लिए होता है | जैसे ही हम मृत्यु को प्राप्त होंगे, धरती पर हमारा खेल खत्म | चूंकि शरीर आत्मा ने धारण किया है, मृत्यु के बाद वह तुरंत नया शरीर धारण कर लेगी | अगर मैचिंग पैरेंट्स धरती पर उपलब्ध नहीं हैं तो उस समय के लिए जब तक […]


अगर मरना ही नियति है तो पैदा क्यों हुए ?

सिर्फ मरना ही नहीं बल्कि दोबारा जन्म भी नियति है और यह क्रम तब तक चलता रहेगा जब तक आत्मा में अशुद्धियों का लेशमात्र भी अंश बाकी है | जैसे ही आत्मा पूर्ण शुद्धि पा लेती है वह इस जन्म और मृत्यु के चक्रव्यूह से हमेशा के लिए मुक्त हो जाती है |   आत्मा न तो पैदा होती है […]


मनुष्य का आत्मा स्वर्ग या नर्क आता जाता है पशु पक्षी का आत्मा कहाँ जाता है ?

आत्मा किसी की भी हो (मनुष्य या पशु पक्षी) कहीं नहीं जाती – वह तो पहले से ही सूर्य के गर्भ में विद्यमान है | मनुष्य हो या पशु पक्षी – सभी की आत्माएं सूर्य से ही remote control से हृदय को संचालित करती हैं |   जब इंसान या पशु पक्षी की मृत्यु होती है तो आत्मा तुरंत नया […]


मनुष्य बार-बार जन्म लेकर संसार में आता है फिर यह क्यों कहा जाता है जिन्दगी न मिलेगी दोबारा ?

मनुष्य बार बार जन्म नहीं लेता | मनुष्य शरीर तो आत्मा धारण करती है | मान लीजिए – इस जन्म में हम क्षत्रिय परिवार में भारत में पैदा हुए | तो हमारे लिए यह पहला और आखिरी जन्म है | हमें जो कुछ करना है – अगर आध्यात्मिक रास्ते पर चलकर ब्रह्म को पाना है तो सब इसी जन्म में […]


क्या मरने के बाद आत्माएं भटकती हैं ?

हमें यह बात समूल जड़ से अपने अंदर से खत्म कर देनी चाहिए कि आत्माएं धरती पर मौजूद हैं या आ सकती हैं | आत्माएं जिनका खुद का ताप 1 करोड़ degrees Celsius से ज्यादा होता है वह कैसे धरती पर मौजूद हो सकती है ? एक आत्मा अगर धरती के नजदीक भी आ जाए तो पूरी धरती को जला […]


कैसे पता करें हम अगले जन्म में क्या बनेंगे ?

इस जन्म के कर्म तय करेंगे कि आत्मा अगला शरीर कहां लेगी, कैसा लेगी ? हम तो बस एक जन्म के लिए हैं | मृत्यु को प्राप्त होते ही खेल खत्म | अगर हमारी आत्मा अगला शरीर यूरोप के किसी Christian परिवार में लेती है तो हमें क्या ? जानकर हमें क्या मिलेगा ?   इस जन्म में जो हमें […]


इंसान मरने के बाद कहां जाता है ?

जैसे ही इंसान की मृत्यु हुई खेल खत्म – एक ही जीवन मिला था मृत्यु के साथ खत्म हो गया | अगला जीवन तो आत्मा धरेगी – किस जगह लेगी, किस घर में लेगी वह निर्भर होगा मृत्यु के समय के कर्मफल पर | हमारा उस नए शरीर से कुछ लेना देना नहीं |   हमे यह बात ध्यान रखनी […]


क्या पिछले जन्म के बारे में जाना जा सकता है ?

अगर पिछले जन्म के रिश्तों का इस जन्म से कुछ गहरा नाता है जो सभी के लिए जानना आवश्यक है तो भगवान ऐसे हालात खुद ही पैदा कर देते हैं कि हमें सब कुछ स्वतः ही मालूम चल जाए |   मैं जब 5 वर्ष का था तो एक घटना घटी | 7 वर्ष की आयु तक भगवान ने मुझे […]


क्या आप पुनर्जन्म या स्वर्ग नरक को मानते हैं ?

पुनर्जन्म, स्वर्ग और नरक आध्यात्मिक जीवन के विभिन्न पहलू हैं | अध्यात्म का मूल है कि आत्मा बार बार कर्मों की निर्जरा के लिए मानव शरीर धारण करती है – इसी को हम पुनर्जन्म कहते हैं जबकि पुनर्जन्म किसी का भी नहीं होता |   इंसान की मृत्यु के बाद आत्मा तुरंत नया शरीर धारण करती है | अगर पूरे […]


क्या मरने के बाद फिर कहीं और मिलेंगे ?

नहीं, यह हमारा पहला और आखिरी जन्म है | हम मनुष्य एक ही जीवन के लिए आते हैं | अगला शरीर तो हमारी आत्मा धारण करेगी, हम नहीं | इस जन्म में दो इंसान पति पत्नी हैं लेकिन अगले किसी जन्म में जब उन्हीं दोनों आत्माओं की मुलाकात होती है तो हो सकता है एक दादा हो और दूसरा एक […]