पूरे ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्म एक energy source हैं – ऐसा एनर्जी source जिसकी कल्पना मनुष्य के लिए संभव नहीं | ब्रह्म को सिर्फ दिव्य नेत्रों द्वारा महसूस किया जा सकता है | ब्रह्म से साक्षात्कार के बाद में उनसे हर पल बात कर सकता हूं | है न विचित्र बात !
ब्रह्म को हम सनातन पुरुष भी कहते हैं, सनातन स्त्री नहीं – क्यों |
कुछ भी create करने की शक्ति पुरुष में होती है | मां के गर्भ में जब पुरुष का शुक्राणु एक मादा अंडे को impregnate करता है तो शिशु पैदा होता है | मां सिर्फ धारण करती है, स्वतः पैदा नहीं कर सकती | इसीलिए शास्त्रों में ब्रह्म को सनातन पुरुष का दर्जा मिला है |
अगर इस अद्वितीय एनर्जी source को जानना है, अगर उससे बात करनी है तो अध्यात्म का रास्ता लेकर तत्वज्ञानी बनना होगा |
Who created God? भगवान को किसने बनाया | Vijay Kumar Atma Jnani
