क्या पालथी मारने आंखें बंद करने से ध्यान घटित होता है ?
ध्यान करने की सही विधि अगर किसी को आ जाए तो वह साधक इस दुनिया में जल्द ही स्वामी विवेकानंद के लेवल पर पहुँच जाएगा | Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani
ध्यान करने की सही विधि अगर किसी को आ जाए तो वह साधक इस दुनिया में जल्द ही स्वामी विवेकानंद के लेवल पर पहुँच जाएगा | Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani
जब भी हम आध्यात्मिक पुस्तकों शास्त्रों में रुचि लेते हैं तो हमारी अपनी आत्मा जिसने यह शरीर धारण किया है हमसे कहना चाहती है – अज्ञानी मूढ़ मत बन, अध्यात्म का रास्ता पकड़ कर कर्मों की निर्जरा कर, तभी मैं अपना शुद्ध रूप वापस प्राप्त कर पाऊंगी | जो सच को समझ कर सामना कर ले वह स्वामी विवेकानंद की […]
आजकल लोगों के घुटने इसलिए कमजोर हो रहे है, हमारे खाने पीने का तरीका बदल गया है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है | फास्ट फूड खाने का सीधा असर पेट के अलावा घुटनों पर पड़ता है | सुबह का घूमना तो प्रायः बंद हो गया है | अध्यात्म कहता है हमें जीने के लिए खाना चाहिए ना […]
मनुष्य रूप में हमें हमेशा आध्यात्मिक पुस्तकों में लीन रहना चाहिए | यह शरीर हमारी आत्मा ने खुद की शुद्धि के लिए लिया है | What spiritual books should i read | कौनसी आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़े | Vijay Kumar Atma Jnani
ब्रह्म का स्वरूप निराकार निर्गुण है | भगवद गीता में ब्रह्म के यथार्थ स्वरूप को समझाया गया है | Is God formless in Hinduism? भगवान साकार है या निराकार | Vijay Kumar Atma Jnani
सत यानी सत्य का रास्ता अपनाकर हम अपनी आत्मा से बात कर सकते हैं और १२ साल की तपस्या से एक शुद्ध आत्मा बन सकते हैं यानी मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं | Listen to Inner Voice coming from within our Heart | हृदय से आती आवाज को सुनना सीखें | Vijay Kumar
अगर हम तत्त्व की खोज में हैं तो रास्ता भक्ति योग का नहीं बल्कि ज्ञान योग का लेना होगा | सिर्फ और सिर्फ भगवद गीता का ज्ञान काफी है | What is meant by Jnana Yoga? ज्ञान योग से क्या अभिप्राय है? Vijay Kumar Atma Jnani
ध्यान में उतरने का एक ही तरीका है – चिंतन जिसे contemplation कहते हैं | महर्षि रमण ने सेल्फ इंक्वायरी का जो तरीका बताया है उससे बेहतर ध्यान करने का माध्यम कहीं नहीं मिलेगा | Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani
आत्मज्ञान यानी आत्मा का ज्ञान हो जाना | यह कब संभव है ? जब साधक आध्यात्मिक सफर में कर्मों की निर्जरा करके एक शुद्ध आत्मा बन जाता है वह आत्मज्ञानी कहलाता है | मुक्ति के द्वार तक पहुंच जाना, जन्म मृत्यु के चक्रव्यूह से हमेशा के लिए मुक्त हो जाना तत्वज्ञानी कहलाता है | रामकृष्ण परमहंस, महर्षि रमण दोनों आत्मज्ञानी, […]
सिर्फ और सिर्फ ज्ञान योग का मार्ग पकड़कर हम आध्यात्मिक उन्नति कर सकते हैं | ज्ञान योग यानी ध्यान में उतरना चिंतन के माध्यम से, जिसे contemplation भी कहते हैं | रामकृष्ण परमहंस और महर्षि रमन दोनों ने अंततः ज्ञान योग के द्वारा अपना आध्यात्मिक सफर पूरा किया | What is meant by Jnana Yoga? ज्ञान योग से क्या […]
१२ साल ब्रह्मचर्य का पालन पर कोई भी आध्यात्मिक साधक इस जीवन में स्वामी विवेकानंद के लेवल पर पहुंच सकता है 12 years Brahmacharya benefits | 12 साल का अखंड ब्रह्मचर्य का जादू | ब्रह्मचर्य मंत्र | Vijay Kumar
जब एक आध्यात्मिक साधक अपने जीवन में अर्जुन बनने की कोशिश करता है तो वह समय समय पर आत्मिक आनन्दानुभूति महसूस करता है | आध्यात्मिक सफर हमेशा आत्मिक आनंद प्रदान करता है लेकिन खुद के लिए, परिवार हमेशा परेशानियों से जूझता रहता है | What was the role of Arjuna in Mahabharata? आज का अर्जुन कौन आध्यात्मिक परिवेश में […]
आध्यात्मिक ज्ञान यानी शास्त्रों में निहित ज्ञान को समझने की कोशिश करना की आवश्यकता तब पड़ती है जब हम इस जीवन में स्वामी विवेकानंद की राह पर चलना चाहें | शास्त्र कहते हैं हम वास्तव में एक आत्मा हैं जिसने यह मनुष्य शरीर धारण किया है अपनी शुद्धि के लिए | इसके लिए ब्रह्म ने लगभग १ करोड़ की अवधि […]
जब कोई साधक सत्य का मार्ग पकड़ लेता है तो हमारी चेतना अंदर से हिलोरे मारना शुरू कर देती है | क्यों ? हमारे अंदर विद्यमान आत्मा को यह लगने लगता है कि अब उसे अपने गंतव्य तक पहुंचने का मौका मिलेगा यानी पूर्ण आंतरिक शुद्धि | Power of Absolute Truth | अध्यात्म में सत्य का महत्व | Vijay […]
महाभारत के रचयिता महर्षि वेद व्यास से महान व्यक्तित्व भारतीय दर्शन में कोई नहीं | क्योंकि जनमानस तक वेदों, उपनिषदों और भगवद गीता का ज्ञान पहुंचाने का काम उन्हीं ने किया | महर्षि वेदव्यास और महाभारत महाकाव्य का आध्यात्मिक सच | Vijay Kumar Atma Jnani
जिस व्यक्ति का जीवन लक्ष्यहीन होता है उसे सपने ज्यादा आते हैं | क्यों ? सपनों के माध्यम से हमारी आत्मा हमें बताने की कोशिश करती है कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं | What is the main Purpose of Life? मानव जीवन का मकसद | Vijay Kumar Atma Jnani
परमात्मा हृदय में स्थित आत्मा के द्वारा हमें समय समय पर सचेत करते रहते हैं | हर आध्यात्मिक साधक हृदय से आती आवाज़ को सत्य के मार्ग पर चलते हुए अच्छी तरह से सुन सकता है | Listen to Inner Voice coming from within our Heart | हृदय से आती आवाज को सुनना सीखें | Vijay Kumar
रामायण एक सत्य है जबकि महाभारत महर्षि वेद व्यास द्वारा रचित सिर्फ एक काव्य | महर्षि वेदव्यास और महाभारत महाकाव्य का आध्यात्मिक सच | Vijay Kumar Atma Jnani
सत्य की राह पकड़ कर कोई भी इंसान ज्ञानी बन सकता है | यही नहीं वह चाहे तो अध्यात्म का रास्ता पकड़ कर पहले स्वामी विवेकानंद और फिर रामकृष्ण परमहंस के लेवल पर जा सकता है | Power of Absolute Truth | अध्यात्म में सत्य का महत्व | Vijay Kumar Atma Jnani
अध्यात्म शिक्षक के माध्यम से नहीं पढ़ाया जा सकता | आध्यात्मिक सफर एक अंदरूनी सफर है जो हमें खुद तय करना है ध्यान चिंतन के माध्यम से जैसे महर्षि रमण किया करते थे | How spiritual values can be taught in school? आध्यात्मिक ज्ञान क्या स्कूलों में पढ़ाया जा सकता है
शास्त्रों को माने और समझे तो समझ आएगा कि ब्रह्म ने कुण्डलिनी जागरण के लिए मनुष्य रूप में ११ लाख योनियों का सफर तय कर रखा है | यानी १ करोड़ साल की अवधि | हम इसी जन्म में अध्यात्म की राह पकड़ कर, ध्यान में चिंतन के द्वारा उतर कर अपनी कुण्डलिनी जागृत कर सकते हैं जैसे रामकृष्ण परमहंस […]
अगर भगवान कृष्ण सशरीर आकर हमारे घर में रहने लगे तो क्या हम उनसे कुछ भी आध्यात्मिक प्राप्त कर पाएंगे | नहीं | आध्यात्मिक सफर में जरूरत पड़ती है ध्यान में उतरने की चिंतन के माध्यम से | आध्यात्मिक सफर एक आंतरिक सफर है जो स्वयं ही करना पड़ता है | Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही […]
योग यानी आत्मा की परमात्मा से मिलन की चेष्टा | What is Yoga and its benefits? योग का महत्व | Vijay Kumar… the Man who Realized God in 1993
जहां जहां आत्माएं मौजूद हैं वहां भगवान मिलेंगे | एक गेहूं का दाना एक आत्मा और पूरी गेहूं की ढेरी परमात्मा | शास्त्र कहते हैं हम एक आत्मा हैं तो हम भगवान से दूर कब हुए | अध्यात्म के रास्ते पर चलकर हम न सिर्फ एक शुद्ध आत्मा हो जाएंगे बल्कि भगवान के साथ आत्मसाक्षात्कार भी हो जाएगा | […]
परमात्मा यानी ब्रह्म अनादि हैं | उनकी उत्पत्ति को आध्यात्मिक तरीके से जानना होगा | Who created God? भगवान को किसने बनाया | Vijay Kumar Atma Jnani
भगवान पूजा के लिए नहीं प्राप्त करने के लिए बने हैं | भगवान एक ही होते हैं जिन्हें हम अध्यात्म में ब्रह्म पुकारते हैं | अध्यात्म के रास्ते पर चलकर हमें ब्रह्म को प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए जैसी रामकृष्ण परमहंस ने की थी | What is the main Purpose of Life? मानव जीवन का मकसद | Vijay […]
ब्रह्म का एहसास सिर्फ अध्यात्म के रास्ते पर चलकर किया जा सकता है | जब साधक ध्यान में चिंतन के माध्यम से उतरता है तो धीरे धीरे आध्यात्मिक प्रगति होती है और अंततः साधक रामकृष्ण परमहंस बन ही जाता है | Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani
दोनों आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति के लिए ब्रह्मचर्य का पालन आवश्यक है | अध्यात्म में ध्यान के सहारे उतरा जा सकता है | कुण्डलिनी जागरण के लिए ब्रह्मचर्य की आवश्यकता है | भौतिक जीवन में ब्रह्मचर्य के पालन से असीमित मानसिक प्रगति संभव है | Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani
महाभारत युद्ध के लिए सिर्फ और सिर्फ महर्षि वेदव्यास जिम्मेदार हैं | महाभारत महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित एक काव्य ग्रंथ है | शास्त्रों में निहित गूढ़ तथ्यों को समझाने के लिए उन्हें इस महाकाव्य की रचना करनी पड़ी | महर्षि वेदव्यास और महाभारत महाकाव्य का आध्यात्मिक सच | Vijay Kumar Atma Jnani
मैंने खुद देखा है स्वामियों को पानी लेने की खातिर पहाड़ से ३~४ किलोमीटर उतरते हुए और फिर वापस चढ़ना | जीवन दोनों कठिन हैं | बिना कर्म किए किसी का गुजारा नहीं | और फिर जंगली जानवरों का डर, उनसे कौन बचाता है | सब खुद करना पड़ता है | मूल है निष्काम भावना से कर्म करना | […]