Monthly Archives: March 2025


भगवद गीता में बताया कि अविनाशी उसको जान जिसको मारने में कोई सक्षम नहीं – वह अविनाशी भगवान कौन हैं ?

श्रीमद्भगवद्गीता व उपनिषद् इस बात को बार बार प्रतिपादित करते हैं कि ब्रह्म ही वह अविनाशी सनातन पुरुष है जिसने सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना की | यह अविनाशी पुरुष और कोई नहीं बल्कि ब्रह्माण्ड में व्याप्त सभी आत्माओं का समूह ही तो है | जब ब्रह्माण्ड की सभी आत्माएं मोक्ष की स्थिति के बाद शुद्ध रूप में आ जाती हैं […]


आत्माएँ मोक्ष के बाद कहाँ जाती हैं – क्या करती हैं ?

मोक्ष यानि मनुष्य ने कर्मों की पूर्ण निर्जरा कर आत्मा को पूर्ण शुद्धि की अवस्था में पहुंचा दिया | यह सूर्य के चंगुल से मुक्त हुई आत्मा अब पूरे ब्रह्मांड में विचरण कर सकती है | आध्यात्मिक सफर में जब मुझे भगवद गीता में निहित ज्ञान समझ आने लगा तो मैंने एक दिन रामकृष्ण परमहंस की आत्मा का आवाहन किया […]


अन्तःकरण की आवाज़ क्यों सुननी चाहिए ?

अंतःकरण की आवाज़ हृदय से आती हमारी आत्मा की आवाज़ है | अगर कोई इंसान इस आवाज़ को साफ सुन सके और उस पर अमल कर सके – तो कोई वजह नहीं कि इसी जन्म में वह तत्वज्ञानी हो जाए | यह अंतःकरण की आवाज़ ही तो है जो हमें आध्यात्मिक पथ पर हर संभव guidance देने की कोशिश करती […]


ईश्वर की दृष्टि से यह संसार कैसा दिखलायी पड़ेगा ?

ब्रह्म की दृष्टि में संपूर्ण जगत सिर्फ उनके सपनों में exist करता है ? अगर हकीकत में exist करता तो ब्रह्माण्ड की boundary भी होती तो उसके पीछे क्या ? अगर हम गहन चिंतन में उतरें तो पाएंगे पूरा संसार मायावी है – इसलिए आदि शंकराचार्य ने doctrine of Maya प्रतिपादित की |   Doctrine of Maya अनुसार सम्पूर्ण जगत […]


मनुष्य जीवन का उद्देश्य परमपिता परमात्मा को पाना है तो बहुत इंसानों को इसका बोध क्यों नहीं होता ?

अगर मनुष्य भगवान के साकार रूप को ही देखना चाहता है तो उसे लगता है परम पिता परमेश्वर को पाना ही मानव जीवन का अंतिम ध्येय है | यह अनुभूति भी उन्हीं मनुष्यों को होती है जो धार्मिक प्रवत्ति के हैं | मनुष्यों के लिए ब्रह्म ने 11 लाख योनियों का सफर सुनिश्चित किया है – फिर सभी को परम […]