हिन्दू कहते हैं प्रारब्ध की वजह से दुःख भोगने पड़ते हैं – क्या प्रारब्ध काटने की शक्ति किसी के पास नहीं ?
प्रारब्ध कर्म कर्मों का वह हिस्सा है जो अभी फलित होना बाकी हैं | जब बच्चा पैदा होता है तो ज्यादातर संचित कर्म फलित हो जाते हैं और बच्चे को उसी अनुसार जन्म मिलता है कुम्हार के घर में या राजा के इत्यादि | प्रारब्ध ब्रह्म द्वारा रोका हुआ वो कर्मफल हैं जो कभी भी फलित हो सकता है, इस […]
