क्या गुरु बिना हम अपने पूर्ण जीवन की प्राप्ति कर सकते है ?

आत्मज्ञान प्राप्त करने और ब्रह्म के साक्षात्कार के बाद मैं 100% conviction के साथ कह सकता हूं, जिसने गुरु बना लिया उसे पूरी जिंदगी अध्यात्म में धक्कों के अलावा और कुछ नहीं मिलेगा | क्यों ? जब भी हमारे अंदर कोई प्रश्न आएगा तो खुद उसकी जड़ तक पहुंचने की जगह हम सोचेंगे कल तो गुरुदेव के पास जा रहा […]


दो आत्माओं के बीच विश्वास सबसे बड़ा रिश्ता है इस रिश्ते में दोनो आत्मा के सभी गुण समा जाते हैं ?

कोई भी आत्मिक रिश्ता सिर्फ और सिर्फ सत्य पर आधारित है जो हर आत्मा का मूल है | सत्य और धर्म हर आत्मा के साथ हर समय विद्यमान है | जब भी कोई जीव (मनुष्यों समेत) पैदा होता है तो धर्म साथ साथ चलता है | जब एक जीव दूसरे जीव से interact करता है तो अगर वह रिश्ता या […]


पहले लोग मरते थे आत्मा भटकती थी अब आत्मा को मार लोग भटक रहे हैं ?

एक समय था जब आकस्मिक मृत्यु हो जाने पर लोगो के बीच यह किवदंती फैल जाती थी कि अब यह आत्मा चिरकाल तक भटकेगी | नॉर्मल मृत्यु होने पर ऐसी बातें नहीं कही जाती थी | समय बदला, कलियुग का प्रकोप और यह बात प्रचलन में आ गई कि आत्मा को मार लोग भटक रहे हैं | कलियुग में असत्य […]


आत्मसाक्षात्कार बिना गुरू और मंत्र के हो सकता है क्या ?

ब्रह्म से साक्षात्कार करने के लिए गुरु की आवश्यकता बिल्कुल भी नही | जिस साधक ने गुरु बना लिया, वह इस जन्म में ज्यादा आध्यात्मिक उन्नति नहीं कर सकता | क्यों ? साधक के अंदर हमेशा यह भावना बनी रहेगी कि गुरु को मेरे से ज्यादा ज्ञान है | इस भ्रांति के कारण हम यथोचित ध्यान/चिंतन नहीं कर पाएंगे | […]


एक आत्मा अपने माता-पिता का चयन कैसे करती है ?

आत्मा ने जो शरीर धारण कर रखा है, मृत्यु के समय उस शरीर का जो भी karmic balance होता है, उस आधार पर आत्मा matching parents ढूंढती है | अगर मैचिंग माता पिता उपलब्ध हैं तो आत्मा तुरंत नया शरीर धारण कर लेती है | अगर नहीं तो आत्मा स्वर्ग या नरक में वास करती है सिर्फ उतने समय के […]


जब मृत्यु होती है तो आत्मा शरीर त्याग दूसरा जन्म लेती है तो ये भूत प्रेत कहाँ से आ गए ?

जब जीव की मृत्यु होती है तो आत्मा तुरंत मैचिंग माता पिता ढूंढ नया शरीर धारण कर लेती है | अगर मैचिंग माता पिता धरती पर उपलब्ध नहीं तो आत्मा उस समय तक जब तक मैचिंग parents उबलव्ध हों, स्वर्ग या नर्क में hibernation (शीतनिद्रा) की स्थिति में समय व्यतीत करती है |   भूत और प्रेत पूरी दुनिया में […]


शिष्य के गुरू से आगे निकल जाने पर गुरू को कैसा महसूस होता है ?

सच्चा आध्यात्मिक गुरु एक विवेकानंद को पनपते देख कितना खुश होता होगा | जब रामकृष्ण परमहंस के पास स्वामी विवेकानंद गए और कहा, क्या आप मुझे भगवान का दर्शन करा सकते हैं तो रामकृष्ण परमहंस ने उनके कंधे पर अपनी लात रख दी | फिर क्या था, स्वामी विवेकानंद तो गहन आनंद में डूब गए और कहने पर भी अपने […]


क्या जीवन छोटा है सम्पूर्ण वेद और गीता समझने के लिए या व्यक्ति पढ़ कर सहज समझ सकते हैं ?

बात सम्पूर्ण वेदों, उपनिषदों और भगवद गीता में निहित ज्ञान को पढ़ने या समझने की नहीं है, अध्यात्म में हमें कुछ ज्ञान भीतर नहीं लेना होता है, हमें मूलतः ज्ञान के प्रकाश से अंदर के अज्ञान के अन्धकार को काटना होता है | हमारे मस्तिष्क का 97 ~ 99% हिस्सा जन्म से बंद है | ज्ञान के प्रकाश से हमें […]


आत्मा अमर है तो लोग मरने से क्यों डरते हैं ?

जब तक जीव को आत्मज्ञान नहीं हो जाता, वह दोनों जन्म और मृत्यु को कौतूहल से देखता है | मौत का डर जीव को हर पल इसलिए सताता है कि मेहनत कर जो इकट्ठा किया वह सब छूट जाएगा | सिर्फ धन संपदा ही नहीं, अपनों का साथ भी |   आत्मा अजर अमर है, शरीर नहीं | शरीर तो […]


आध्यात्मिकता क्या है और धार्मिक कार्य किसे कहते हैं ?

जब इंसान अपनी खुद की पहचान ढूंढने की कोशिश करता है – में कौन हूं, कहां से आया हूं, भगवान से क्या नाता है तो वह आध्यात्मिक कहलाता है | अध्यात्म का सफर अंदर की ओर होता है ध्यान और चिंतन के माध्यम से |   आध्यात्मिक होकर साधक पहले स्वामी विवेकानंद की स्थिति और फिर रामकृष्ण परमहंस के level […]


ब्रह्मचर्य पालन करने से क्या शक्ति संचय होना संभव है ?

ब्रह्मचर्य पालन के दो रूप हैं – 1. physical ब्रह्मचर्य – शारीरिक संसर्ग से दूर रहना | मन या अन्तःकरण में भी शारीरिक संबंधों का ख्याल नहीं आना चाहिए अन्यथा स्वप्नदोष (nightfall) हो जाएगा | ऐसा करने से वीर्य की शक्ति जिसे अमृत भी कहते हैं मूलाधार में इकट्ठा होने लगेगा, उसी तरह जैसे dam में पानी store किया जाता […]


35 साल के बाद ब्रह्मचर्य शुरू करें तो कितने साल बाद लाभ मिलता है ? 1

5 वर्ष की उम्र हो या 90 साल की आयु के बुजुर्ग, ब्रह्मचर्य का पालन आपकी शारीरिक क्षमता कई गुना बढ़ा देगा | ब्रह्मचर्य का लाभ लगभग 15 दिन बाद महसूस होने लगेगा | एक नई स्फूर्ति, जोश पूरे शरीर में फ़ैल जाएगा |   साथ ही स्मरण शक्ति और एकाग्रता भी कई गुना बढ़ जाएगी | सब कुछ निर्भर […]


10 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन मेमोरी और ज्ञान में कितना परिवर्तन कर सकता है ?

अगर ब्रह्मचर्य का पालन उस तरह से किया जाए जैसा ब्रह्मचर्य के विडियोज में समझाया है तो कोई वजह नहीं जो मुकाम आप पाना चाहते हैं अवश्य पा लेंगे | 10 साल में लगभग highest level की मेंटल पॉवर हमें मिलेगी | हम पढ़ेंगे बाद में, जान पहले जाएंगे |   सही ब्रह्मचर्य का पालन करने से हम समय के […]


ब्रह्मचर्य पालन के दौरान जब वासना बहुत बढ़ जाए तो कैसे शांत करें ?

Physical ब्रह्मचर्य के द्वारा जब हम अपनी सेक्सुअल ऊर्जा को मूलाधार में एकत्रित करना शुरू कर देते हैं तो क्या होगा ? आप के अंदर वासना हिलोरे मारने लगेगी, इतनी की कंट्रोल नहीं होगी | ब्रह्मचर्य के पालन से तो वासना दबनी चाहिए ?   आपने कभी dam में पानी भरते हुए देखा है ? मुझे एक मौका मिला | […]


बिना शादी किये पूरी जिंदगी ब्रह्मचर्य में बिताने के क्या लाभ हो सकते हैं ?

ज़िन्दगी बिताने के लिए नहीं, जीने के लिए दी है ब्रह्म ने | ब्रह्म/आत्मा चाहते हैं हम अध्यात्म की राह पकड़ जल्द से जल्द शुद्ध आत्मा हो जाएं अर्थात मोक्ष ले लें | मनुष्य योनि ब्रह्माण्ड के सूर्य क्षेत्र की सबसे उच्च योनि है, जिस योनि में आत्मा शुद्ध रूप में वापस आ सकती है, किसी निचली योनि में नहीं […]


लड़कियों के लिए ब्रह्मचर्य के क्या नियम हैं ?

अध्यात्म में लिंगभेद की कोई जगह नही | आध्यात्मिक दृष्टि से मोक्ष तक पहुंचने के लिए नारियों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है | इसलिए धार्मिक पुस्तकों में इस बात का जिक्र आता है कि नारी को पुरुष योनि में आना होगा अध्यात्म के सफर को पूरा करने के लिए | ऐसा क्यों ?   नारियों में मोह पुरुषों के […]


अध्यात्मिक और धार्मिक गुरु की पहचान कैसे करे ?

आध्यात्मिक गुरु (एक ऐसा तत्वज्ञानी जो 84 लाखवी योनि में स्थापित हो) तो मिलेगा नहीं | महावीर बुद्ध चले गए, आदि शंकराचार्य, रामकृष्ण परमहंस और महर्षि रमण भी physically available नहीं | लेकिन सब के कहे वचन तो शास्त्रों, पुस्तकों में उपलब्ध हैं | सत्य के मार्ग पर चलकर कोई भी साधक इतने विशाल शास्त्र भंडार से तत्व के मोती […]


आत्म जागरूकता और आत्म चेतना में अंतर क्या है ?

जब हम बड़े होते हैं तो सुनने में आता है कि हम सिर्फ एक शरीर नहीं, बल्कि एक चेतना हैं, चेतन तत्व जिसे दुनिया आत्मा के नाम से पुकारती है | शुरू में बच्चे को कुछ समझ नहीं आता कि मेरे अंदर कौन हो सकता है और मैं एक साथ दो कैसे हो सकता हूं ?   धीरे धीरे हमें […]


मानव जन्म लेता है – सशरीर से या आत्मा से ?

मानव अपने आप तो पैदा हो नहीं जाता | सूर्य के गर्भ में बैठी आत्मा को जब धरती पर मैचिंग parents मिल जाते हैं तो शिशु मां के गर्भ में आ जाता है लेकिन उसका दिल धड़कना उस समय शुरू होता है जब आत्मा remote control से हृदयगति चालू कर देती है |   आत्मा अपने 84 लाख योनियों के […]


व्यक्ति आजीवन ब्रह्मचारी रह सकता है क्या ?

जब एक साधक निश्चित कर लेता है कि वह अध्यात्म के मार्ग पर बेरोकटोक जाएगा तो 12 वर्ष के अखंड ब्रह्मचर्य का पालन तो उसकी मजबूरी है | और 12 साल के अखंड ब्रह्मचर्य उपरांत अगर वह तत्वज्ञानी बन जाता है तो ब्रह्म से साक्षात्कार के बाद वह ब्रह्मचारी रहेगा या नहीं यह सिर्फ उस केवल्यज्ञानी पर निर्भर करता है […]


भारत में सबसे ज्यादा ज्ञान कहाँ है ?

अगर पुस्तक रूप में देखें तो भारत के मूल शास्त्रों, ग्रंथों का मूल और टीकाएं गीताप्रेस, गोरखपुर के पास संग्रहित हैं | भारतीय दर्शन शास्त्रों जैसे भगवद गीता और 11 Principal उपनिषदों का मूल और टिकाएं, दोनों गीताप्रेस में उपलब्ध हैं | किसी भी साधक को आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए गीताप्रेस के बाहर कहीं नहीं जाना पड़ेगा | जो […]


प्रथ्वी पर सबसे बड़ा ज्ञानी कौन है ?

पृथ्वी पर सबसे बड़ा ज्ञानी महर्षि वेदव्यास हैं जिन्होंने पहले वेदों के ज्ञान को 4 वेदों में संग्रहीत किया | फिर महाभारत महाकाव्य की रचना की जिसका भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन के साथ संवाद, भगवद गीता एक भाग है | कृष्ण महाभारत काव्य के एक पात्र हैं |   जो अनूठा ज्ञान महर्षि वेदव्यास ने पहले ब्रह्म से ग्रहण किया […]


कुंडलिनी शक्ति जागरण के बाद हमेशा जागृत रहती है या खत्म हो जाती है ?

कुण्डलिनी शक्ति एक पुष्प की भांति काम करती है | जब एक कली एक बार पुष्प बन गई उसे दोबारा कली नहीं बनाया जा सकता | यह काम ब्रह्म भी नहीं कर सकते ? क्यों ? Evolution process एक तरफा रास्ता है जो एक बार हो गया सो हो गया, लौटने के सभी रास्ते बंद | इसी लिए कहा गया […]


कुंडलिनी कैसे चैतन्य करें ?

कुंडलिनी को पूरा activate करने के लिए हमें अध्यात्म के रास्ते पर 12 साल का अखंड ब्रह्मचर्य और 12 वर्ष की गहन तपस्या में उतरना होगा | 12 वर्ष की तपस्या यानि ध्यान में चिंतन के माध्यम से निर्विकल्प समाधि की अवस्था में पहुंचना | 12 वर्ष का अखंड ब्रह्मचर्य और ध्यान कैसे करते हैं – दोनों विडियोज आप मेरे […]


क्या पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन सम्भव हैं आज के युग में ?

आज के समय में अखंड ब्रह्मचर्य का पालन बेहद मुश्किल है लेकिन असंभव नहीं | कोई भी आध्यात्मिक साधक जो पूर्ण सत्य की राह पर चलने के लिए तैयार है वह सफलतापूर्वक इस सफर को पूरा कर सकता है | पूर्ण सत्य यानि मौत का भी डर नहीं |   मैं 5 वर्ष की आयु में सत्य की राह पर […]


मृत्यु के पश्चात आत्मा अस्तित्व में है अथवा उसका पुनर्जन्म हो चुका है कैसे पता लगाया जा सकता है ?

ब्रह्म ने ऐसा कोई प्रावधान, साधन नहीं निमित्त किया है जिससे यह मालूम चल सके कि मरने के बाद आत्मा नया शरीर कब और कहां धारण करेगी | ऐसा क्यों ? मृत्यु को प्राप्त मनुष्य के मृत्यु के समय का karmic balance तय करेगा अगला जन्म कहां और कब होगा |   अगर karmic balance के आधार पर धरती पर […]


स्वयं की आंतरिक शक्तियां कैसे जाग्रत करे ?

आध्यात्मिक साधक को आध्यात्मिक सफर में एक बार भी आंतरिक शक्तियों के बारे में नहीं सोचना चाहिए | क्यों ? भगवद गीता में कृष्ण क्या कहते हैं – फल की चिंता न करो | मनुष्य का काम है कर्म करना, क्योंकि फल तो हमेशा मालिक का होता है और शरीर का मालिक कौन है – हमारी आत्मा |   आध्यात्मिक […]


दुनिया में कोई ऐसा आदमी है जिसे पूरी सृष्टि का ज्ञान हो ?

पूरी सृष्टि का ज्ञान तभी संभव है जब इंसान अध्यात्म की राह पर चलकर तत्वज्ञानी, केवल्यज्ञानी हो जाए | जब तक ब्रह्म का साक्षात्कार नहीं होगा सृष्टि बनने और बिगड़ने का क्रम समझ नहीं आयेगा | जैसे ही हम कर्मों की पूर्ण निर्जरा कर देंगे, हम एक शुद्ध आत्मा बन ब्रह्म से हमेशा के लिए जुड़ जाएंगे |   ब्रह्म […]


क्या ज्ञान के माध्यम से कलियुग के प्रभाव से बच सकते हैं ?

कलियुग में कलियुग के प्रभाव से बचने का सिर्फ और सिर्फ एक उपाय है – सत्य के मार्ग पर चलते हुए विवेक का इस्तेमाल | सारी दुनिया (मुख्यत: भारत के लोग) भौतिकवाद (materialism) में ज्यादा फंसे हैं |   जब तक हम अपनी इच्छाओं को लगाम नहीं देंगे, ज्ञान क्या करेगा ? शुद्ध ज्ञान, जिसे प्राप्त कर मनुष्य ब्रह्म तक […]


वर्तमान में सबसे उत्तम ज्ञान कौन दे रहा है ?

सबसे उत्तम आध्यात्मिक ज्ञान गीताप्रेस, गोरखपुर की मात्र दो टीकाओं में उपलब्ध है –   1. श्रीमद्भगवद्गीता – पदच्छेद, अन्वय और साधारण भाषाटीकासहित (17) 2. ईशादि नौ उपनिषद् (66)   दोनों टिकाएं मात्र Rs 160/= में मिल जाएंगी |   मेरा 100% दावा है कि जो साधक इन टीकाओं का ज्ञान अपने अंदर उतार लेगा वह ब्रह्म तक पहुंचने की […]