वेद और उपनिषद में क्या अंतर है ?

जब मानव मस्तिष्क काफी परिपक्व हो गया तो ब्रह्म ने श्रुतिज्ञान द्वारा मनुष्य को वेदों का ज्ञान प्रेषित किया | वेद बड़े voluminous हैं और विराट भी | विस्तारित होने के कारण वेदों का ज्ञान जनमानस तक पहुंच नहीं पा रहा था | पढ़े लिखे scholars भी वेदों के अंदर निहित ज्ञान को समझने में असमर्थता जाहिर कर रहे थे […]


स्वस्थ्य रहने के लिए प्रात भ्रमण योग स्पोर्ट्स या आध्यात्म – क्या अच्छा है ?

स्वस्थ रहने के लिए प्रातः भ्रमण से अच्छा कुछ नहीं | भ्रमण मतलब jogging, walking नहीं | 2 km से लेकर 5 km minimum | उसके बाद 1/2 घंटा aerobic exercises या योगासन |   sports में interest है तो वह भी लेकिन जरूरी नहीं | अध्यात्म का शारीरिक स्वास्थ्य से कुछ लेना देना नहीं | अगर अध्यात्म में रुचि […]


ईश्वर सर्वज्ञानी है परब्रह्म है – लोग उन्हें अध्यात्म से ही क्यों जोड़ते हैं ?

अध्यात्म यानि ऐसा अध्ययन जो साधक को आत्मा तक ले जाए/ स्वयं के असली स्वरूप का अध्ययन | आज के समय में ब्रह्म तक पहुंचने के लिए अध्यात्म ही एकमात्र सहारा है – दूसरे शब्दो में इंसान को ज्ञानयोग का रास्ता लेना होगा |   सिर्फ भक्तियोग या कर्मयोग से ब्रह्म तक नहीं पहुंचा जा सकता | ब्रह्म तक पहुंचने […]


ईश्वर हर जगह है तो लड़की का रेप होते वक्त कहाँ रहता है ?

ब्रह्म हर चेतन तत्व में मौजूद है, आत्मा ब्रह्म का अंश है | सारी आत्माएं सूर्य में स्थित हैं, वहीं से remote control से हर मनुष्य को चलाती हैं | दोनों ब्रह्म और आत्मा दृष्टा की भांति काम करते हैं – ‘no‘ interference |   मनुष्यों को ब्रह्म ने free will और विवेक दिया है जिसका इस्तेमाल कर इंसान धरती […]


भारत दुनिया का महान गुरु कब बनेगा ?

भारत यूं ही विश्व गुरु नहीं बनेगा | बस अपनी खोयी हुई सत्ता वापस लेगा जो ब्रिटिश Macauley के द्वारा लगभग 7,50,000 गुरुकुल बंद कराने के कारण लुप्त हो गई थी | नरेंद्र मोदी के आने से भारत अपना वर्चस्व दोबारा कायम कर सकेगा | अब कल्कि अवतार के आने का भी समय हो रहा है |   भारत के […]


कर्म का पुनर्जन्म से क्या संबंध है ?

मृत्यु के समय का karmic balance तय करता है आत्मा को नया शरीर कहां और किस घर में मिलेगा | यह भी संभव है इस जन्म में हम भारत में भोपाल के एक घर में पुरुष पैदा हुए और अगला जन्म हमारी आत्मा को स्कॉटलैंड में एक नारी के रूप में मिले |   जब से सृष्टि बनी है पूरा […]


पति पत्नी जिनकी इच्छाएं अधूरी रह गई दूसरे जन्म में दोबारा मिलते हैं ?

अगर हमारा किसी दूसरी आत्मा के साथ कार्मिक शेष है तो आगे आने वाले जन्मों में मुलाकात तो हो सकती है लेकिन दूसरे रूप में | हो सकता है इस जन्म की पत्नी दो जन्मों बाद बेटा बनकर आए या पोती बन जाए | रिश्ता कुछ भी हो सकता है जिससे दोनों बेखबर होंगे |   जब तक कार्मिक शेष […]


अध्यात्म की दृष्टि से विश्वास और समर्पण में कौन भाव उच्च है ?

बिना पूर्ण समर्पण भाव के भगवान में आस्था पूर्ण नहीं होगी | अध्यात्म में अगर समर्पण पूर्ण नहीं है तो आप अध्यात्म में फेल हैं | कर्मों में निष्काम भाव से उतरने के लिए पूर्ण समर्पण चाहिए | जो लोग भक्तियोग में विश्वास रखते हैं, अगर उनमें पूर्ण समर्पण भाव नहीं होगा तो वांछित फल कैसे मिलेगा ?   समर्पण […]


भगवान स्वर्ग में क्यों रहते हैं ?

भगवान तो नहीं, हां – सारी आत्माएं स्वर्ग में रहती हैं | आत्माएं भगवान का ही तो अंश हैं | सूर्य के गर्भ में रहना उनकी मजबूरी है | आत्मा का ताप 1 करोड़ degrees Celsius से ज्यादा होता है | अगर एक आत्मा अपने मूल स्वरूप में चांद जितना नजदीक आ जाए तो सम्पूर्ण धरती को जला कर खाक […]


ब्रह्मचर्य का पालन भंग क्यों हो जाता है मुझ से ?

शुरुआत कहां से होती है ? सभी कर्मों और कार्यों के पीछे होती है हमारी सोच | पहले हम सोचते हैं फिर उस पर अमल करते हैं/ उसे क्रियान्वित करते हैं | ब्रह्मचर्य का पालन कैसे होगा अगर हम अपनी सोच को लगाम नहीं देंगे ?   जैसी ही feminine gender का कोई भी सदस्य हमें दिखेगा, मन में भांति […]


ब्रह्मचर्य के पालन से धातु रोग कितने साल में ठीक हो सकता है ?

ब्रह्मचर्य का सही पालन किसी भी तरह के धातुरोग को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है | यही नहीं, शरीर भी स्वामी विवेकानन्द की तरह बलिष्ठ |   समय कितना लगेगा, कोई नहीं बता सकेगा | हम कितनी शिद्दत के साथ ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं सब कुछ उस पर निर्भर करेगा | सोच अच्छी और positive रहनी […]


क्या ब्रह्मचर्य स्वपदोष के कारण टूट जाता है ?

पहले स्वप्नदोष (nightfall) में ही ब्रह्मचर्य (physical) टूट जाता है | अगर 12 वर्ष के ब्रह्मचर्य में थे तो सबकुछ दोबारा शुरू करना होगा, नई शुरुआत ! ब्रह्मचर्य मंत्र के द्वारा निजात पाया जा सकता है |   अगर क्रिया समझ में आ जाए स्वप्नदोष होता क्यों है तो इलाज भी है | स्वप्नदोष (nightfall) से permanent छुटकारा पाने के […]


किसी व्यक्ति के मन में गृहस्थ जीवन में वैराग्य का भाव क्यों पैदा होता है ?

वैराग्य का भाव जरूरी तो नहीं इस जन्म के कर्मों के कारण हो – मूलतः ऐसे भाव पिछले जन्म से जुड़े होते हैं | इस जन्म में हमारी शादी होगी भी या नहीं, या हम स्वामी विवेकानंद के रास्ते पर ब्रह्मचारी बन निकल जाएंगे – सब पहले से तय है |   वर्तमान योनि में किए कर्मों का भी फल […]


क्या आत्मा हमें देख सकती है ?

मैं एक मनुष्य अपने लिए बाज़ार से एक वस्त्र लाया, पहना – क्या मैं उस वस्त्र को देख पा रहा हूं ? अरे जो वस्त्र मैंने खरीदा और पहना – में उसे देख ना पाऊं, भला ऐसा हो सकता है क्या ?   आत्मा जिसने यह शरीर धारण किया और जो अपने आप में दिव्य शक्ति है, ब्रह्म का एक […]


क्या आत्मा सच में भटकती है ?

सारी आत्माएं सूर्य के गर्भ में रहती हैं | इसका कारण है आत्मा का खुद का temperature 1 करोड़ degrees Celsius से ज्यादा होता है | चांद की दूरी तक भी अगर एक आत्मा पहुंच जाए तो धरती seconds में जल कर राख हो जाएगी | और हम भटकती आत्माओं की बात करते हैं ?   उपनिषदों में आत्माओं के […]


मनुष्य की तरह पशु-पक्षी कीट-पतंगों पेड़-पौधों को मोक्ष प्राप्त करने का अधिकार क्यों नहीं ?

84 लाख योनियों के फेर में 73 लाख योनियां कीट पतंगों, पेड़ पौधों और पशु पक्षी की योनियां में गुजर जाते हैं | मनुष्य रूप में 11 लाख योनियां होती हैं | मनुष्य सूर्यमंडल में सबसे उच्च योनि में स्थापित है | मोक्ष मनुष्य योनि में ही संभव है |   ब्रह्माण्ड में सब कुछ क्रमवार होता है |   […]


क्या स्वार्थपरता आत्मा का हनन करती है ?

जब से आत्मा ब्रह्म से अलग हुई वह दोबारा से जल्दी से जल्दी ब्रह्म से योग करना चाहती है | इसी क्रम में जब उसे धरती मिलती है तो वह शुद्ध होने के लिए 84 लाख योनियों का सफर शुरू कर देती है | मनुष्य योनि में आते ही वह मनुष्य को प्रेरित करती है अध्यात्म के सफर पर जाने […]


क्या बुरी आत्मा होती है ?

आत्मा, ब्रह्म का अंश, एक दिव्य शक्ति और बुरी ? आत्माएं शुद्ध या अशुद्ध तो हो सकती हैं – लेकिन बुरी, कभी नहीं | क्यों ?   आत्माएं जब से ब्रह्म के घर से निकली हैं अशुद्ध हो गई हैं | ब्रह्मांडीय सफर में अनगिनत अशुद्धियां अपने अंदर ले लीं हैं | इन्हीं अशुद्धियां से पीछा छुड़ाने के लिए आत्माएं […]


मृत्यु के समय शरीर से पहले प्राण निकलते हैं या आत्मा ?

जब धरती पर इंसान की मृत्यु होती है तो प्राण निकलते हैं यानी हृदयगति रुक जाती है | सभी आत्माएं तो सूर्य के गर्भ में बैठी हैं | जब मृत्यु का समय आता है तो सही समय पर remote control स्विच OFF कर देती हैं और धरती पर मानव का दिल धड़कना बंद कर देता है |   आत्माएं जिनका […]


आत्मा किस प्रकार धिक्कारती है ?

मनुष्य शरीर आत्मा ने धारण किया है अपनी शुद्धि के लिए | हृदय में विद्यमान कृष्ण (हमारी आत्मा), जब भी हम पापकर्म करते हैं तो अन्दर से prompt करते हैं कि ऐसा करना गलत है लेकिन कृष्ण की, आत्मा की आवाज़ को सुनता कौन है ?   अपनी bloated मैं (अहंकार) के कारण हम उस अंदर से आती आवाज को […]


आत्मा और जीव में क्या अंतर है – दोनों की उत्पत्ति कैसे होती है ?

आत्माएं अपने ब्रह्मांडीय सफर में अशुद्धियां ग्रहण कर लेती हैं | जब धरती जीवन ग्रहण करने योग्य हो जाती है तो आत्माएं एक के बाद एक शरीर धारण करना शुरू कर देती हैं |   आत्माएं धरती पर जो शरीर धारण करती हैं – चाहे वह कीट पतंगे का हो, पेड़ पौधों का हो, या पशु पक्षियों का या मनुष्य […]


आत्मा कितनी बार जन्म लेती है ?

आत्मा एक बार भी जन्म नहीं लेती | आत्मा सिर्फ manifest करती है / शरीर धारण करती है | अपना शुद्ध रूप छोड़ जब ब्रह्म से अलग होती है तो धरती ग्रह के मिलते ही 84 लाख योनियों के सफर में उतर जाती है | निचली योनियां पार करते 73 लाख योनियों के फेर से गुजर जाती है और फिर […]


भगवत गीता पढ़ने के बाद जिंदगी में क्या बदलाव आए हैं ?

यही तो जीवन का सबसे बड़ा आश्चर्य है जब लोग मुझसे पूछते हैं कि भगवद गीता कब पढ़ी | आपको कैसे मालूम ?   37 वर्ष की आयु में ब्रह्म का साक्षात्कार हुआ | तब तक मैंने gitapress की गीता जिसमें 700 मूल श्लोक के साथ टीका भी है नहीं देखी थी | हां घर में काफी gitapress की टीकाएं […]


भगवद गीता का ज्ञान दाता कौन है ?

गीता का संपूर्ण ज्ञान महर्षि वेदव्यास ने direct ब्रह्म से उद्वेलित किया और फिर कृष्ण अर्जुन उवाच के रूप में महाभारत महाकाव्य में संग्रहीत किया | महर्षि वेदव्यास अनुसार कृष्ण, अर्जुन, सभी पांडव और कौरव महाभारत काव्य के पात्र हैं |   अगर हम अध्यात्म में गहरे झांक कर देखेंगे तो पाएंगे, हमारे हृदय में स्थित सारथी कृष्ण और कोई […]


हम जिसे आत्मा कहते हैं क्या वह ऊर्जा है ?

आत्मा एक अद्वितीय एवम् दिव्य ऊर्जा है जो ब्रह्म का अंश भी है | एक ऐसी ऊर्जा जिसका वर्तमान ब्रह्माण्ड को बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है | आत्मा ऐसा ऊर्जा स्त्रोत है जिसका खुद का तापमान 1 करोड़ degrees Celsius से ज्यादा है |   सभी तारों के गर्भ में आत्माओं के गुच्छे हैं जो उसे ताप देते हैं | […]


आत्मा मनुष्य के मरने के कितने दिन बाद दोबारा जन्म लेती हैं ?

तुरंत, 1 सेकंड गवाएं बिना | मरणोपरांत अगर matching parents उपलब्ध हैं तो तुरंत आत्मा नया शरीर धारण कर लेती है | समय गवाने की कोई वजह नहीं | ब्रह्म के दरबार में सब कुछ तुरंत होता है, automated है |   जब मानव शरीर की मृत्यु हो जाती है तो सूर्य में बैठी आत्मा matching मां के गर्भ में […]


बहुत बेचैनी है अनन्त शांति का सागर कहाँ मिलेगा ?

जिस दिन सत्य का मार्ग पकड़ खुद के हृदय से आती कृष्ण (सारथी) की आवाज़ सुनना शुरू कर दोगे, लगेगा ब्रह्म सामने चारपाई पर बैठकर बात कर रहे हैं | चिर अनंत शांति ही नहीं अद्वितीय आनंद की अनुभूति भी होगी |   सत्य की राह पर कलियुग में चलने में दिक्कत तो आएगी लेकिन कुछ अच्छा पाने के लिए […]


आत्मा अजर अमर है तो क्या अपने सभी जन्म याद रहते हैं ?

आत्मा क्योंकि सनातन, from the beginning of time है, उसे जब से ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति होती है और जब तक प्रलय होती है, सब कुछ ज्ञात है | ब्रह्म की तरह आत्मा भी omnipotent, omnipresent और omniscient है |   ब्रह्माण्ड में हर घटना सुपर massive computer में record होती रहती है जिसे हम कर्म theory कहते हैं | कर्म […]


क्या आत्मा में स्त्री पुरुष का लिंगभेद होता है ?

आत्मा, वह दिव्य ऊर्जा जिसका खुद का temperature 1 करोड़ degrees Celsius है, उसका लिंगभेद ? आत्मा अगर धरती के नजदीक भी आ जाए तो सब कुछ जला कर राख कर देगी | धरती भी नहीं बचेगी |   उपनिषदों की गहराइयों में उतर कर देखो, सब कुछ साफ़ साफ़ नजर आएगा | आत्मा ब्रह्म का अंश है जिसके big […]


भगवद गीता अनुसार प्रकृति माया और कर्म के बीच क्या संबंध है ?

जो दृष्टिगोचर है जो प्रकृति, सृष्टि की देन है वह जगत है | ब्रह्म ने खुद को big bang के द्वारा फोड़ा तो वर्तमान ब्रह्माण्ड, जगत अस्तित्व में आया | ब्रह्म है तो आत्माएं हैं, हम हैं |   मगर आदि शंकराचार्य के अद्वैत की दृष्टि से देखें तो पूरा जगत माया का खेल है | हम बॉम्बे फिल्म नगरी […]