आत्मज्ञान सिर्फ लॉजिक है पर बहुत कम लोग आत्मज्ञान प्राप्त कर पाते हैं ?

यह बात सही है कि आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए logic के रास्ते पर चलना होता है | चिंतन में हमें logic के द्वारा सत्य तक पहुंचना है | सत्य हर हाल में एक ही है विकल्प कई हो सकते हैं | सत्य/ logic की राह पकड़ हमें भगवद गीता के श्लोकों में छिपे तत्व/ मर्म तक पहुंचना है | […]


अच्छे आध्यात्मिक अनुभव क्या पूर्व जन्म की साधना का फल हैं ?

हम इस जन्म में अध्यात्म के रास्ते पर जायेंगे कि नहीं यह पूर्व जन्म के निचोड़ (मृत्यु के समय का कर्मफल) पर निर्भर करता है | इस जन्म में हमें क्या क्या आध्यात्मिक अनुभव होंगे यह निर्भर करता है हमारे पूर्व जन्मों के संचित कर्मफल और वर्तमान जीवन के कर्मफल के आधार पर |   एक accountant की balance sheet […]


अध्यात्म का व्यावहारिक जीवन में क्या उपयोग है ?

व्यवहारिक जीवन में अध्यात्म का directly कुछ लेना देना नही | आम इंसान को जिसका गोल आध्यात्मिक नहीं – कभी भी अध्यात्म में उतरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए | अध्यात्म में उतरने की कोशिश का मतलब है – मोह खत्म कर लेना | अध्यात्म में उतरने की चाह घर के सामंजस्य को, आनंदमय वातावरण को छिन्न भिन्न कर देगी […]


क्या सनातन धर्म सबसे बेहतर धर्म है ?

सनातन – ऐसा धर्म सो हमेशा से विद्यमान है – चाहे उसे हिन्दू धर्म कह लो या सनातन धर्म – या भारतीयों के द्वारा पालन किए जाने वाला धर्म – सनातन धर्म की विरासत 10,800 साल पुरानी है | इन्हीं 10800 सालों में वेद आए, इश्वाकु वंश आया (राम का समय), उपनिषद आए और अंततः महर्षि वेदव्यास द्वारा प्रतिपादित महाभारत […]


आध्यात्मिक विकास से मनुष्य को क्या मिलता है?

आध्यात्मिक विकास/ सफर मूलतः हृदय में स्थित आत्मा के लिए होता है | जब हम अध्यात्म में साधना में उतरेंगे और आध्यात्मिक उन्नति होगी तो हमारा बंद पड़ा मस्तिष्क का हिस्सा खुलने लगेगा | हम ब्रह्म के नजदीक जाने लगेंगे/ हमारी आत्मा शुद्धि प्राप्त करने लगेगी | मानसिक विकास से खुद को अत्यंत आनंद की अनुभूति होती है |   […]


तोतापुरी ने रामकृष्ण परमहंस को क्यों कहा ब्रह्मज्ञान चाहते हो तो काली को मारना पड़ेगा ?

तोतापुरी अद्वैत के ज्ञाता थे – ज्ञानयोग की राह पर चलने वाले | उन्हें मालूम था रामकृष्ण परमहंस आध्यात्मिक मार्ग पर कहां अटके हैं | भक्तियोग के द्वारा ब्रह्म तक पहुंचना असंभव था | तोतापुरी चाहते थे रामकृष्ण परमहंस भक्ति मार्ग छोड़ जल्दी से जल्दी ज्ञानयोग में उतर जाएं | ऐसा करने के लिए काली को छोड़ना ही पड़ेगा | […]


क्या अध्यात्म हर इंसान के लिए जरूरी है ?

आध्यात्मिक सफर कब शुरू करना चाहिए यह हर मनुष्य को तय करना है | अगर हमारी उम्र 5 वर्ष की है तो भी यह हमें खुद ही तय करना है हम इस मार्ग पर कब चलना चाहते हैं | इसमें माता पिता या अध्यापक का निर्णय काम नहीं करेगा |   जब ब्रह्म ने मनुष्यों को 11 लाख योनियों का […]


आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर व्यक्ति की निरंतरता बाधित क्यों हो जाती है ?

आध्यात्मिक सफर में continuity सिर्फ और सिर्फ एक ही बात से टूटती है – हम physical ब्रह्मचर्य तोड़ दें – चाहे masturbation के द्वारा, या स्वप्नदोष (nightfall) हो जाए | दोनों ही अवस्थाओं में progress 1~2 महीने के लिए स्थगित हो जाएगी |   और किसी भी तरह की बाधा को हम उचित कर्मों द्वारा पार कर सकते हैं लेकिन […]


क्या बुद्धिमान लोग आध्यात्मिक भी होते हैं ?

अध्यात्म का बुद्धिमत्ता से क्या लेना देना ? JRD Tata से बेहतर कर्मयोगी कोई सुना है ? उनका दूर दूर तक अध्यात्म से कोई नाता नहीं था | Tata group से बेहतर business group भारत में कोई हो सकता है ? अध्यात्म की राह पर चलने की ब्रह्म की तरफ से कोई पाबंदी नहीं |   अध्यात्म में अंगूठा टेक […]


क्या पाकिस्तान के आने वाले समय की भविष्यवाणी कर सकते हैं ?

आने वाले समय में विश्व युद्ध के दौरान जब US को मालूम चलेगा उसके देश में होती तबाही का mastermind pakistan है तो US 5 दिन भी नहीं लगायेगा पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करने में | ww3 के बाद जब nuclear radiation छट जायेगी तो पूरा पाकिस्तान भारत का अभिन्न अंग होगा |   800 करोड़ लोगों के कर्मफल तय करेंगे […]


अध्यात्म और जवानी में क्या सम्बन्ध है ?

अध्यात्म और जवानी का गूढ़ रिश्ता है | अगर सच में आध्यात्मिक सफर इसी जन्म में पूरा करना है तो अध्यात्म में कदम जवानी में ही रखना होगा, जितना जल्दी हो – बेहतर होगा | जवानी में 12 साल की तपस्या पूरी करने के chance ज्यादा हैं बुढ़ापे के comparison में |   बुढ़ापा आते आते हाथ पैर इतने ढीले […]


बाबा वंगा ने भविष्यवाणी की है 2025 में यूरोप की आबादी शून्य हो जाएगी ?

कब होगा कह नहीं सकते लेकिन आने वाले समय में हर यूरोपियन देश की आबादी औसतन 20% घट जाएगी | कुछ देशों की 40% तक जैसे Denmark/Poland | ज्यादातर यूरोपियन देश भारत के साथ ज्यादती करते आए हैं – US और Britain के influence में | गलत काम का गलत परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा | अब कुदरत उन्हें अच्छी […]


2034 में आप भारत का भविष्य कैसा देखना चाहते हैं ?

देखने वाली बात तो है ही नहीं – 2034 में योगी आदित्यनाथ भारत के executive president के रूप में देश का कार्यभार संभालेंगे | उनका साथ देंगे हिमंता बिस्वा सर्मा, देश के होम मिनिस्टर | मजाल है एक भी पुलिस personnel 1/= की रिश्वत मांग ले | 2034 तक भारत – अखंड भारत बन चुका होगा | चारों ओर खुशहाली […]


आपकी सोच और विचारधारा आपकी नियति निर्धारित करती है ?

किसी भी कार्य की जड़ में सोच होती है – पहले हम सोचते हैं फिर उस सोच को क्रियान्वित करते हैं | अब तक हमने पिछले जन्मों में जो सोचा और क्रियान्वित किया उसी कर्मफल के आधार पर वर्तमान जीवन मिला | तो आज के जीवन के लिए कौन जिम्मेदार हुआ – हमारी पिछले जन्मों से चली आ रही सोच […]


जब सब कुछ नियति में लिखा है तो हमने कैसे बुरे कर्म किये ?

जैसा हमने सोचा वैसी हमारी जिंदगी होती चली गई | नियति में लिखा हुआ से मतलब क्या हुआ ? आज तक सभी जन्मों में जो हमने सोचा और क्रियान्वित किया उसी अनुसार हमारी नियति लिखी गई | कर्मानुसार अगर इस जन्म में हम ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए तो इसमें भगवान का क्या रोल ?   हमारे पूर्व जन्मों के […]


कलयुग में भगवान का दर्शन दुर्लभ क्यों हो गया है ?

भगवान कहां स्थित हैं – हमारे हृदय में अंश रूप में आत्मा बनकर बैठे हैं | अगर हमारी सोच positive है – हम कभी किसी का गलत नहीं सोचते हैं तो भगवान के दर्शन समय समय पर होते रहेंगे | 5 वर्ष की आयु से हमेशा सब का भला सोचा और किया, मुझे तो कभी महसूस नहीं हुआ कि परमात्मा […]


आने वाले समय में भारत में किस क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिलेगी ?

2034 तक भारत के अखंड भारत बनने के 100% chance हैं | सतयुग की शुरुआत – हर field में खुशहाली | जब भारत दोबारा सोने की चिड़िया कहलायेगा – उससे पहले हर क्षेत्र में भारत शीर्ष पर होगा | बात ब्राह्म खुशी की नहीं – आनंद की अनुभूति की है |   गुरुकुल में शिक्षा के बाद हर भारतीय अंदर […]


आधुनिक भारत में सबसे विश्वसनीय आध्यात्मिक गुरू कौन है ?

बचपन में मैंने गुरु खोजने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफलता ही हाथ लगी | फिर स्वयं ब्रह्म ही मेरे गुरु हो गए – कैसे, यह मैं अन्यत्र/ videos में बता चुका हूं | फिर आध्यात्मिक सफर में एक बड़ी विचित्र बात समझ आयी – सारी दुनिया गुरु ढूंढ़ती है, विलाप करती है भरोसे का गुरु कहां ढूंढे ?   […]


सबसे पहले गुरु कौन होता है ?

किसी से भी पूंछे कि सबसे पहला गुरु कौन – सबका उत्तर एक ही होगा – मां | गलत | जीवन में सबसे पहला गुरु – ब्रह्म/ या कहें हृदय में बैठी हमारी खुद की आत्मा | ऐसा क्यों ?   जब 5 वर्ष की आयु में मौत से आमना सामना हो गया और सभी डॉक्टर्स यह कह कर चले […]


कम उम्र में बच्चों के लिए क्या आध्यात्मिक शिक्षा आवश्यक है ?

अध्यात्म का सिर्फ मूल ही बच्चों को दिया जा सकता है – अध्यात्म क्या है, उसके रास्ते पर चलकर क्या उपलब्धि होती है | जब तक भारत में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली वापस नहीं आएगी, बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान देना संभव नहीं | अध्यात्म कभी भी पढ़ाया नहीं जा सकता | वह तो अन्दर का सफर है – हृदय में स्थित […]


क्या अध्यात्मिक होना अति कठिन है ?

अध्यात्म एक अंदरुनी सफर है जो सिर्फ चिंतन के माध्यम से किया जा सकता है | 800 करोड़ लोगों में 10 लोग नहीं जो चिंतन में उतर पाते हैं – ऐसा क्या ? चिंतन में उतरकर 12 वर्ष की अखंड ध्यान और ब्रह्मचर्य की तपस्या अगर कोई पूरी कर ले तो वह महर्षि रमण के लेवल पर पहुंचकर जन्म मृत्यु […]


आप क्या बताना चाहते हैं कि लोग उसको पढ़कर जागरूक बनें ?

हर भारतीय को यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि अर्जुन और कोई नहीं वह खुद है | महर्षि वेदव्यास ने महाभारत महाकाव्य की रचना सिर्फ इसलिए की कि हर मनुष्य अध्यात्म में उतर मोक्ष प्राप्त कर सके | अध्यात्म के रास्ते पर कैसे चलें यह भगवद गीता में वर्णित है | लेकिन भगवद गीता पढ़े कौन और पढ़ भी […]


हिंदुस्तान को लेकर नास्त्रेदमस की कौन सी भविष्यवाणी सच होने वाली है ?

नास्त्रेदमस की निम्न क्वॉट्रेन देखें (quatrain Century 1 Quatrain 53) –   Alas, how we will see a great nation sorely troubled and the holy law in utter ruin. Christianity (governed) throughout by other laws, when a new source of gold and silver is discovered.   यह क्वॉट्रेन US के आने वाले परेशानी भरे दिनों की कहानी बयां करती है […]


नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में जिस महापुरुष का जिक्र किया है वह कौन है ?

जिस महापुरुष को नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवाणियों में Chyren (Selin) कहते हैं – वह और कोई नहीं बल्कि आने वाला कल्कि अवतार है जो भारत को अखंड भारत बनाने में सफल होगा और धर्म की पुनर्स्थापना करेगा | 64 कलाओं से युक्त कल्कि अवतार कोई भी ऐसा कार्य नहीं होगा जिसको करने में सक्षम नहीं होगा |   ऐसा सतयुग स्थापित […]


क्या सारे संसार में एक ही शासक बनने की भविष्यवाणी की गई है ?

भारतीय दर्शन शास्त्र directly तो नहीं लेकिन indirectly इस बात को बेहद सहजता से कहते है कि निष्कलंक 64 कलाओं से सुसज्जित कल्कि अवतार पूरी दुनिया का मुखिया होगा | world war 3 के बाद बचे 660 करोड़ लोगों में 400 करोड़ कल्कि के अनुयाई होंगे तो बचा क्या ?   भारत के एक छोटे से गांव में जन्मा कल्कि […]


क्या 50-55 की उम्र में 25-30 का जोश व जवानी पाई जा सकती है ?

ब्रह्मचर्य का सही पालन (जैसा वीडियो में समझाया है – 100 करोड़ के मंत्र के साथ) अगर शिद्दत के साथ करना शुरू कर दिया तो 16~18 की उम्र में बॉडी की जो position थी वैसी वापस मिल जायेगी | साथ में थोड़ा सुबह के वक़्त जॉगिंग जरूरी है या किसी भी तरह का व्यायाम |   22 वर्षों तक बुखार […]


भारत कब तक घूसमुक्त देश बन सकता है ?

भारत के 2034 तक अखंड भारत बनते ही भ्रष्टाचार हमेशा के लिए खत्म | 1/= की चोरी और सीधे फांसी | जुर्म साबित होते ही कोई कोर्ट नहीं, कोई सुनवाई नहीं – बस दंड का प्रावधान होगा | तृतीय विश्व युद्ध में 140 करोड़ लोगों की मृत्यु के पश्चात् इंसान का जीने का नजरिया ही बदल जायेगा | लोग सोने […]


इन्सान की जिंदगी में सबसे जरूरी क्या होता है ?

इंसानी जिंदगी में जीवन के लक्ष्य के बिना जीवन पास करने का कोई महत्व नहीं | जीवन तो पशु पक्षी भी गुजारते हैं | जीवन जीने के लिए बना है पास करने के लिए नहीं | 5 वर्ष की आयु में भगवान से पहली मुलाक़ात हुई | उनके पीछे जाने का तय किया | स्कूल जाने लगा लेकिन अंदर भगवान […]


क्या निराकार ब्रह्म श्री कृष्ण से सर्वोच्च है हम किसको माने ब्रह्म को या कृष्ण को ?

जब हम मोबाइल में गाने सुनते हैं तो क्या मोहम्मद रफी मोबाइल में बैठे हैं ? गाना कहीं से प्रसारित हो रहा है और हम तो बस अपने मोबाइल के receiver में ग्रहण कर रहे हैं | इस तरह जितने मोबाइल (यानी मनुष्य) उतने ही receiver (यानि मनुष्य का हृदय) | तो क्या बहुत सारे कृष्ण हैं जो अलग अलग […]


महादेव की तीसरी आंख कब खुलती है ?

अगर हम आध्यात्मिक दृष्टि से देखें – महादेव, शिव की उपाधि उस तत्वज्ञानी को दी जाती है जब वह पूर्ण कुण्डलिनी जागरण के बाद तीसरा नेत्र खोलने में कामयाब हो जाता है | तीसरा नेत्र यानि ज्ञान चक्षु – जब हम कर्मों की पूर्ण निर्जरा कर अपने मस्तिष्क को 100% एक्टिवेट कर लेते हैं तो हम reservoir of mind plus […]