अत्यधिक विर्यनास से भयानक मानसिक रोग हो गया है – एक साल से ब्रह्मचर्य का पालन कर रहा हूँ – कितने साल के ब्रह्मचर्य से ठीक हो सकता हूँ ?

हम अकेले नहीं हैं जो इस मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं | हजारों नहीं लाखों लोग (दोनों स्त्री व पुरुष) इस अवस्था से गुजरते हैं | ब्रह्मचर्य पालन में वह शक्ति है अगर हम सही प्रकार समझ लें ब्रह्मचर्य होता क्या है तो हम किसी भी परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं |ब्रह्मचर्य सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक तौर […]


क्या 22 साल का युवा सन्यासी बन पायेगा या ब्रह्मचर्य टूट जाएगा ?

ब्रह्म ने ११ लाख मनुष्य रूपी योनियों का जीवन दिया है | चाहे हम उसे इस जीवन में प्राप्त कर ले या अन्य योनियों के सहारे छोड़ दें | ब्रह्मचर्य के पूर्ण स्वरूप को समझ कर ही हम मोक्ष की स्थिति तक पहुंच सकते हैं जो हर सन्यासी का आखरी गंतव्य होता है |   12 years Brahmacharya benefits | […]


आप पूरे नवरात्रि में ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं ?

ब्रह्मचर्य की प्रैक्टिस २४ घंटे, हफ्ते के सातों दिन और साल के ३६५ दिन की जाती है तोड़ तोड़ कर नहीं |   What is the concept of Brahmacharya? ब्रह्मचर्य क्या है | Vijay Kumar Atma Jnani


आत्मविश्वास का ब्रह्मचर्य से कोई सम्बन्ध होता है क्या ?

सही ब्रह्मचर्य का पालन हमारे आत्मविश्वास को १०० % तक ले जा सकता है यानी इनफिनिटी जैसे स्वामी विवेकानंद | स्टूडेंट्स के लिए ब्रह्मचर्य की प्रैक्टिस बेहद लाभप्रद होती है | १२ साल की ब्रह्मचर्य की सही प्रैक्टिस और खेल खत्म… साधक आखिरकार स्वामी विवेकानंद बन ही जाता है |   12 years Brahmacharya benefits | 12 साल का अखंड […]


क्या पालथी मारने आंखें बंद करने से ध्यान घटित होता है ?

ध्यान करने की सही विधि अगर किसी को आ जाए तो वह साधक इस दुनिया में जल्द ही स्वामी विवेकानंद के लेवल पर पहुँच जाएगा |   Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani


क्या श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ने से सपनों में अक्सर आत्माएं आती हैं जो कुछ कहना चाहती हैं ?

जब भी हम आध्यात्मिक पुस्तकों शास्त्रों में रुचि लेते हैं तो हमारी अपनी आत्मा जिसने यह शरीर धारण किया है हमसे कहना चाहती है – अज्ञानी मूढ़ मत बन, अध्यात्म का रास्ता पकड़ कर कर्मों की निर्जरा कर, तभी मैं अपना शुद्ध रूप वापस प्राप्त कर पाऊंगी | जो सच को समझ कर सामना कर ले वह स्वामी विवेकानंद की […]


आज लोगों के घुटने कमजोर क्यों होते जा रहे हैं ?

आजकल लोगों के घुटने इसलिए कमजोर हो रहे है, हमारे खाने पीने का तरीका बदल गया है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है | फास्ट फूड खाने का सीधा असर पेट के अलावा घुटनों पर पड़ता है | सुबह का घूमना तो प्रायः बंद हो गया है | अध्यात्म कहता है हमें जीने के लिए खाना चाहिए ना […]


जिंदगी में कुछ न कुछ पढ़ते रहना चाहिए – आप आजकल क्या पढ़ रहे है ?

मनुष्य रूप में हमें हमेशा आध्यात्मिक पुस्तकों में लीन रहना चाहिए | यह शरीर हमारी आत्मा ने खुद की शुद्धि के लिए लिया है |   What spiritual books should i read | कौनसी आध्यात्मिक पुस्तकें पढ़े | Vijay Kumar Atma Jnani


ज्ञान गंगा पुस्तक अनुसार ईश्वर पूर्ण परमात्मा कबीर को माना गया हैं – इस पुस्तक की सचाई क्या है ?

ब्रह्म का स्वरूप निराकार निर्गुण है | भगवद गीता में ब्रह्म के यथार्थ स्वरूप को समझाया गया है |   Is God formless in Hinduism? भगवान साकार है या निराकार | Vijay Kumar Atma Jnani


आत्मा को कैसे बुलाए उस से बात कैसे करे ?

सत यानी सत्य का रास्ता अपनाकर हम अपनी आत्मा से बात कर सकते हैं और १२ साल की तपस्या से एक शुद्ध आत्मा बन सकते हैं यानी मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं |   Listen to Inner Voice coming from within our Heart | हृदय से आती आवाज को सुनना सीखें | Vijay Kumar


हरे कृष्ण हरि कथा क्या होती है श्रीमदभगवद्गीता महाभारत रामायण ?

अगर हम तत्त्व की खोज में हैं तो रास्ता भक्ति योग का नहीं बल्कि ज्ञान योग का लेना होगा | सिर्फ और सिर्फ भगवद गीता का ज्ञान काफी है |   What is meant by Jnana Yoga? ज्ञान योग से क्या अभिप्राय है? Vijay Kumar Atma Jnani


ध्यान मेडिटेशन की शुरुआत करने का आसान तरीका क्या है ?

ध्यान में उतरने का एक ही तरीका है – चिंतन जिसे contemplation कहते हैं | महर्षि रमण ने सेल्फ इंक्वायरी का जो तरीका बताया है उससे बेहतर ध्यान करने का माध्यम कहीं नहीं मिलेगा |   Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani


आत्मज्ञान हो जाने पर क्या जान लेना है ?

आत्मज्ञान यानी आत्मा का ज्ञान हो जाना | यह कब संभव है ? जब साधक आध्यात्मिक सफर में कर्मों की निर्जरा करके एक शुद्ध आत्मा बन जाता है वह आत्मज्ञानी कहलाता है | मुक्ति के द्वार तक पहुंच जाना, जन्म मृत्यु के चक्रव्यूह से हमेशा के लिए मुक्त हो जाना तत्वज्ञानी कहलाता है | रामकृष्ण परमहंस, महर्षि रमण दोनों आत्मज्ञानी, […]


आध्यात्मिक प्रगति हेतु सबसे तीव्र मार्ग कौन सा है ?

सिर्फ और सिर्फ ज्ञान योग का मार्ग पकड़कर हम आध्यात्मिक उन्नति कर सकते हैं | ज्ञान योग यानी ध्यान में उतरना चिंतन के माध्यम से, जिसे contemplation भी कहते हैं | रामकृष्ण परमहंस और महर्षि रमन दोनों ने अंततः ज्ञान योग के द्वारा अपना आध्यात्मिक सफर पूरा किया |   What is meant by Jnana Yoga? ज्ञान योग से क्या […]


ब्रह्मचर्य पालन करने के फायदे ?

१२ साल ब्रह्मचर्य का पालन पर कोई भी आध्यात्मिक साधक इस जीवन में स्वामी विवेकानंद के लेवल पर पहुंच सकता है   12 years Brahmacharya benefits | 12 साल का अखंड ब्रह्मचर्य का जादू | ब्रह्मचर्य मंत्र | Vijay Kumar


आप आत्मिक आनंद की प्राप्ति के लिए क्या करते हैं ?

जब एक आध्यात्मिक साधक अपने जीवन में अर्जुन बनने की कोशिश करता है तो वह समय समय पर आत्मिक आनन्दानुभूति महसूस करता है | आध्यात्मिक सफर हमेशा आत्मिक आनंद प्रदान करता है लेकिन खुद के लिए, परिवार हमेशा परेशानियों से जूझता रहता है |   What was the role of Arjuna in Mahabharata? आज का अर्जुन कौन आध्यात्मिक परिवेश में […]


आध्यात्मिक ज्ञान से क्या तात्पर्य है और क्यों जरूरी है ?

आध्यात्मिक ज्ञान यानी शास्त्रों में निहित ज्ञान को समझने की कोशिश करना की आवश्यकता तब पड़ती है जब हम इस जीवन में स्वामी विवेकानंद की राह पर चलना चाहें | शास्त्र कहते हैं हम वास्तव में एक आत्मा हैं जिसने यह मनुष्य शरीर धारण किया है अपनी शुद्धि के लिए | इसके लिए ब्रह्म ने लगभग १ करोड़ की अवधि […]


आध्यात्मिक चेतना कब प्रखर होती है ?

जब कोई साधक सत्य का मार्ग पकड़ लेता है तो हमारी चेतना अंदर से हिलोरे मारना शुरू कर देती है | क्यों ? हमारे अंदर विद्यमान आत्मा को यह लगने लगता है कि अब उसे अपने गंतव्य तक पहुंचने का मौका मिलेगा यानी पूर्ण आंतरिक शुद्धि |   Power of Absolute Truth | अध्यात्म में सत्य का महत्व | Vijay […]


महाभारत के रचयिता के बारे में क्या कहना है ?

महाभारत के रचयिता महर्षि वेद व्यास से महान व्यक्तित्व भारतीय दर्शन में कोई नहीं | क्योंकि जनमानस तक वेदों, उपनिषदों और भगवद गीता का ज्ञान पहुंचाने का काम उन्हीं ने किया |   महर्षि वेदव्यास और महाभारत महाकाव्य का आध्यात्मिक सच | Vijay Kumar Atma Jnani


मुझे सपने बहुत दिखते हैं क्या कारण हो सकता है ?

जिस व्यक्ति का जीवन लक्ष्यहीन होता है उसे सपने ज्यादा आते हैं | क्यों ? सपनों के माध्यम से हमारी आत्मा हमें बताने की कोशिश करती है कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं |   What is the main Purpose of Life? मानव जीवन का मकसद | Vijay Kumar Atma Jnani


परमात्मा कैसे आकर ज्ञान देते हैं ?

परमात्मा हृदय में स्थित आत्मा के द्वारा हमें समय समय पर सचेत करते रहते हैं | हर आध्यात्मिक साधक हृदय से आती आवाज़ को सत्य के मार्ग पर चलते हुए अच्छी तरह से सुन सकता है |   Listen to Inner Voice coming from within our Heart | हृदय से आती आवाज को सुनना सीखें | Vijay Kumar


कोई अज्ञानी से ज्ञानी किस प्रकार बन सकता है ?

सत्य की राह पकड़ कर कोई भी इंसान ज्ञानी बन सकता है | यही नहीं वह चाहे तो अध्यात्म का रास्ता पकड़ कर पहले स्वामी विवेकानंद और फिर रामकृष्ण परमहंस के लेवल पर जा सकता है |   Power of Absolute Truth | अध्यात्म में सत्य का महत्व | Vijay Kumar Atma Jnani


आप एक आध्यात्मिक शिक्षक होते तो लोगों को कौन सी बातें सिखाते ?

अध्यात्म शिक्षक के माध्यम से नहीं पढ़ाया जा सकता | आध्यात्मिक सफर एक अंदरूनी सफर है जो हमें खुद तय करना है ध्यान चिंतन के माध्यम से जैसे महर्षि रमण किया करते थे |   How spiritual values can be taught in school? आध्यात्मिक ज्ञान क्या स्कूलों में पढ़ाया जा सकता है


कुंडलिनी कितने दिन में जागृत हो जाती है ?

शास्त्रों को माने और समझे तो समझ आएगा कि ब्रह्म ने कुण्डलिनी जागरण के लिए मनुष्य रूप में ११ लाख योनियों का सफर तय कर रखा है | यानी १ करोड़ साल की अवधि | हम इसी जन्म में अध्यात्म की राह पकड़ कर, ध्यान में चिंतन के द्वारा उतर कर अपनी कुण्डलिनी जागृत कर सकते हैं जैसे रामकृष्ण परमहंस […]


कोई है जिसकी कुंडलिनी पूर्ण तरह से जाग्रत हो मुझे एक गुरु की जरूरत है ?

अगर भगवान कृष्ण सशरीर आकर हमारे घर में रहने लगे तो क्या हम उनसे कुछ भी आध्यात्मिक प्राप्त कर पाएंगे | नहीं | आध्यात्मिक सफर में जरूरत पड़ती है ध्यान में उतरने की चिंतन के माध्यम से | आध्यात्मिक सफर एक आंतरिक सफर है जो स्वयं ही करना पड़ता है |   Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही […]


भगवान कहाँ रहते हैं धरती या आसमान में ?

जहां जहां आत्माएं मौजूद हैं वहां भगवान मिलेंगे | एक गेहूं का दाना एक आत्मा और पूरी गेहूं की ढेरी परमात्मा | शास्त्र कहते हैं हम एक आत्मा हैं तो हम भगवान से दूर कब हुए | अध्यात्म के रास्ते पर चलकर हम न सिर्फ एक शुद्ध आत्मा हो जाएंगे बल्कि भगवान के साथ आत्मसाक्षात्कार भी हो जाएगा |   […]


प्रथम पूजनीय कौन से भगवान है ?

भगवान पूजा के लिए नहीं प्राप्त करने के लिए बने हैं | भगवान एक ही होते हैं जिन्हें हम अध्यात्म में ब्रह्म पुकारते हैं | अध्यात्म के रास्ते पर चलकर हमें ब्रह्म को प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए जैसी रामकृष्ण परमहंस ने की थी |   What is the main Purpose of Life? मानव जीवन का मकसद | Vijay […]