धर्म का जन्म कैसे होता है ?

जब से सृष्टि बनी है धर्म तभी से मौजूद है | धर्म हमारे साथ जन्म के समय से मौजूद है |   What is the true Meaning of Dharma? धर्म का सही अर्थ क्या है? Vijay Kumar Atma Jnani


कोई पूरा जीवन ईश्वर को अर्पित कर देता है – कोई पूरा जीवन ईश्वर की खोज में अर्पित कर देता है

भगवान की खोज, स्वयं को ८४ लाखवी योनि में स्थापित कर लेना ही जीवन का लक्ष्य है |   What is the main Purpose of Life? मानव जीवन का मकसद | Vijay Kumar Atma Jnani


शिक्षक ने ऐसी कौन सी सीख दी जिसने आपका जीवन का अंदाज ही बदल दिया ?

मैं बचपन से सत्य के मार्ग पर चला | में सही हूं या गलत मालूम नहीं था | हिंदी के अध्यापक ने जब पहली बार यह कन्फर्म किया कि मैं सही रास्ते पर हूं तो ज़िन्दगी की राह ही बदल गई और मेरी ब्रह्म के प्रति जिज्ञासा और बढ़ गई |   Power of Absolute Truth | अध्यात्म में सत्य […]


इस दुनिया में माँ से बड़ा कोई शिक्षक हो सकता है ?

अगर हम मां से ही बंधे रहेंगे तो पूर्ण विकसित कैसे होंगे | बचपन में मां फिर स्कूल में शिक्षक और शिक्षा के रास्ते पर मैं बढ़ चला | धीरे धीरे ज्ञात हुआ हमारी खुद की आत्मा से बड़ा कोई शिक्षक नहीं |   सत्य के मार्ग पर चलते हुए मैंने हृदय के अंदर से आती हुई आत्मा की आवाज़ […]


ध्यान की कुल कितनी पद्धतियां हैं ?

भारतीय दर्शन में ध्यान में उतरने का रास्ता एक ही है चिंतन के माध्यम से, जिसे इंग्लिश में contemplation कहते हैं | महर्षि रमण ने इसे सेल्फ इंक्वायरी कहा है |   Dhyan kaise karein | ध्यान करने की सही विधि | Vijay Kumar Atma Jnani


मैं जब भी ध्यान करता हूँ मेरा शरीर शुरुआती दौर में कुछ झटके देता है ?

जब हम ध्यान में होते हैं तो कर्मो की निर्जरा करते हैं यानी नेगेटिव कर्मो को काटते हैं | जब हमारे अंदर नेगेटिविटी कम होती है तो वह हमेशा झटके देती है | और नेगेटिविटी कम होने का मतलब है हम ज्यादा पॉजिटिव शुद्ध हो रहे हैं तो हमें अच्छा लगता है |   12 years Tapasya | 12 साल […]


मैं ध्यान में बैठता हूँ तो नींद आ जाती है ?

जब हम ध्यान में उतरते हैं तो आत्मा के लेवल पर चले जाते हैं | जब हम आत्मा के लेवल पर पहुंच जाते हैं तो फिजिकल शरीर धीरे धीरे शिथिल होने लगता है और अंततः नींद हमें घेर लेती है | काफी अभ्यास के बाद जब हमें अहसास हो जाता है कि हम एक आत्मा है न कि शरीर तो […]


मैं किसी भी चीज में ध्यान नहीं लगा पा रहा हूँ ?

जब जीवन में एक स्थापित लक्ष्य नहीं होता, तो किसी भी विषय में एकाग्र होना बेहद मुश्किल हो जाता है | जीवन का एक गोल तय करो और फिर उसे पूरा करने में पूरी शक्ति लगा दो |   What is the main Purpose of Life? मानव जीवन का मकसद | Vijay Kumar Atma Jnani


ध्यान में कभी ऐसा क्यूं लगता है कि कोई पास बैठ कर छू रहा है ?

ध्यान में जब हम पूरी तरह डूब जाते हैं तो अपनी आत्मा और प्रभु ब्रह्म के बेहद नजदीक होते हैं | हमें जो छूने की कोशिश कर रहा है वह और कोई नहीं बल्कि हमारी अपनी आत्मा है जो हमसे कुछ कहना चाहती है | सत्य के मार्ग पर चलते हुए मैंने अपनी आत्मा की आवाज को कभी अनसुना नहीं […]


मन को शांत और बेहतर नींद को बढ़ावा देने के लिए कुछ प्रभावी विश्राम तकनीकें क्या हैं ?

आध्यात्मिक सफर में मैं हमेशा शवासन की मुद्रा में सोता था | शवासन की मुद्रा में लेट कर मैं गहन चिंतन में डूब जाता था | कब चिंतन खत्म हो गया, कब नींद आ गई पता ही नहीं चलता था | जब सुबह आंख खुलती थी तो यह अहसास होता था कि रात भर कृष्ण से बात भी होती रही […]


भगवत गीता अनुसार ज्ञान किसे कहा गया है – इसको प्राप्त करने की विधियां क्या हैं ?

भगवद गीता के ७०० श्लोकों में ज्ञान के अलावा और कुछ भी नहीं | भगवद गीता के श्लोकों में निहित ज्ञान सिर्फ चिंतन के माध्यम से ग्रहण किया जा सकता है | गीता ज्ञान की जरूरत पड़ती है आत्मा के अंदर निहित अज्ञान को खत्म करने के लिए | हमें अपने मस्तिष्क में कुछ भरना नहीं है बल्कि उसके अंदर […]


अति किसी भी चीज की सही नहीं – ज्ञान की भी नहीं ?

हमे ज्ञान की जरूरत पड़ती है अपने मस्तिष्क में निहित अज्ञान के अन्धकार को मिटाने के लिए | ज्ञान की अति नहीं होती | जब हमारा जीवन में कोई लक्ष्य नहीं होता तो हम सोशल मीडिया के ब्रह्मजाल में फंसकर फालतू इंफॉर्मेशन खंगालने में अपना अमूल्य समय नष्ट कर देते हैं | ५ वर्ष की उम्र में भगवान की खोज […]


कब कोई व्यक्ति अर्जित ज्ञान खो सकता है ?

भौतिक जीवन में मनुष्य किसी भी कारण से अर्जित ज्ञान भूल सकता है, खो सकता है लेकिन अध्यात्म में जो ज्ञान हम एक बार अर्जित कर लें वह हमारे साथ हमेशा रहता है | किसी भी कारण से गुम अथवा कम नहीं होता | भौतिक जीवन में हम जो सीखें, वह मृत्यु के साथ खत्म हो जाता है | अगले […]


हिंदू और जैन धर्म में क्या अंतर है जरा कुछ विस्तार से बता सकते हैं ?

मैंने बचपन में ही महसूस कर लिया था कि रामकृष्ण परमहंस जैसा ब्रह्मज्ञानी १०० ~ १५० सालों में आ ही जाता है | उनके बाद महर्षि रमण १९५० में गए | मैं जैन कुल में पैदा हुआ | महावीर को गए २६०० साल से ज्यादा हो गए, नई चौबीसी शुरू ही नहीं हुई | कुछ तो गड़बड़ है | मैंने […]


किस घटना ने जीवन का रुख पूरी तरह से मोड़ दिया ?

मैं ६ १/२ वर्ष का था जब मैंने यह तय किया कि भगवान कौन होते हैं यह खोजूंगा | जब मैं ८ वर्ष का था तो ब्रह्म ने पूछा, क्या हुआ, तू तो भगवान के पीछे आना चाहता था, कहां रह गया | कुछ देर के लिए मैं सिंहर गया जैसे कोई चोरी पकड़ी गई | कुछ सोच कर कहा […]


जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है जो हर किसी को जानना आवश्यक है ?

हमें कभी नहीं भूलना चाहिए कि हम इस एक जीवन के मालिक हैं | मृत्यु के बाद हमारी आत्मा क्या शरीर लेगी मालूम नहीं | बेहतरी इसी में है हम इसी जीवन में कुछ आध्यात्मिक भी कर लें | नहीं तो जो इस जीवन में किया सब बर्बाद | अगले जीवन में आत्मा फिर नर्सरी क्लास से जीवन शुरू करेगी […]


जीवन का सत्य क्या है और आप उसके बारे में पक्का जानते हैं ?

आध्यात्मिक सफर में बहुत लोगों से पूछा, बहुत दिनों से कह रहे हो, आध्यात्मिक सफर पर चलूंगा, कब शुरू करोगे ? ज्यादातर सभी का उत्तर था शायद अगले जन्म में संभव होगा | शास्त्र कहते भी हैं ११ लाख मनुष्य योनियां है तो जल्दी क्या है |   हम यह भूल जाते हैं कि शरीर हमारी आत्मा ने धारण किया […]


जब एक ही आदि मानव या आदम और हव्वा की संतान हैं तो इतने जाति धर्म कैसे बने ?

अगर हम धर्म की परिभाषा को देखें तो हमें विभिन्न धर्मों, वर्णों का मनु का बनाया सिस्टम समझ में आएगा |   What is the true Meaning of Dharma? धर्म का सही अर्थ क्या है? Vijay Kumar Atma Jnani


आप भगवान पर विश्वास कैसे करते हैं – क्या भगवान का कोई चमत्कार देखा है ?

भगवान ब्रह्म तो एक ही हैं, चाहे परमात्मा, परमेश्वर, ईश्वर, भगवान, इष्ट, नारायण कुछ भी कह लो, मान लो |   भगवान पर विश्वास, नहीं उससे कहीं ज्यादा | जब मैं ५ वर्ष का था एक ऐसी घटना घट गई मेरी भगवान पर आस्था १०० प्रतिशत हो गई | मालूम नहीं भगवान कौन होते हैं, कभी देखा नहीं लेकिन श्रृद्धा […]


क्या मनुष्य काम क्रोध लोभ मोह और अहंकार से मुक्त हो सकता है ?

काम क्रोध अहंकार लोभ और मोह पर पूर्ण कंट्रोल पाने के लिए हमें अध्यात्म का रास्ता लेना होगा | आध्यात्मिक साधक लोभ का परित्याग तो जल्दी ही करना सीख लेता है | न लेकर आए थे न लेकर जाएंगे, यह अहसास लोभ से मुक्ति दिलाता है |   काम और क्रोध पर कंट्रोल ब्रह्मचर्य पालन करते हुए होता है | […]


अपने जीवन में सबसे ज्यादा ज्ञान किससे प्राप्त हुआ ?

अपनी खुद की आत्मा से ! मैं ५ वर्ष की उम्र से सत्य के साथ चला | चाहता भी तो झूठ नहीं बोल पाता था | इस कारण मैं हृदय से आती आत्मा की आवाज को भलीभांति सुन सकता था | आध्यात्मिक जीवन के हर पल में आत्मा की यह सुंदर आवाज़ मुझे गाइड करती चली गई |   जब […]


क्या ज्ञान गरु से लेना चाहिए या स्वयं से ?

सत्य का मार्ग पकड़ कर अगर हम हृदय से आती खुद की आत्मा की आवाज़ सुन सकते हैं तो अन्दर से आती आत्मा की आवाज़ से बेहतर कुछ भी नहीं | मैंने ५ वर्ष की आयु से अन्दर से आती इस आत्मा की आवाज़ की गाइडेंस के बूते पर अपना आध्यात्मिक सफर ३७ वर्ष की आयु में पूरा कर लिया […]


वो कौनसा ज्ञान है जिसके हो जाने से फिर किसी ज्ञान की जरूरत नहीं पड़ती ?

तत्वज्ञानी बनने के बाद कुछ और ज्ञान पाने की आवश्यकता नहीं रहती | क्यों ? तत्वज्ञानी जीवन के अंतिम छोर तक पहुंच कर जन्म और मृत्यु के चक्रव्यूह से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है | जब आत्मा शुद्ध रूप में आ जाती है तो उसे अगला शरीर धारण करने की आवश्यकता ही नहीं रहती |   तत्वज्ञान प्राप्त […]


ज्ञान की कुछ बातें साझा कर सकते हैं जिसका ज्ञान हर किसी को होना चाहिए ?

अपने जीवन का कंट्रोल किसी और के हाथ में नहीं होना चाहिए | तुमने सिविल इंजीनियरिंग के लिए क्यों अप्लाई किया, माता पिता की इच्छा थी | गलत | हर इंसान के अंदर कोई न कोई खूबी होती है जिसमें वो दुनियां में अव्वल आ सकता है |   मैं ५ वर्ष की आयु से भगवान की खोज में निकला […]


मुझे देर से सोने की आदत है – क्या करूं जिससे जल्दी सो पाऊँ ?

जब जीवन में एक लक्ष्य न हो तो जीवन के सारे नियम उथल पुथल हो जाते हैं | जल्दी सोने के लिए हमें शवासन की मुद्रा में सोना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए एक ऐसी बात पर चिंतन करें जो दिल के नजदीक हो | थोड़े समय में गहरी नींद आ जाएगी |   What is Yoga and its benefits? […]


इस बात की सच्चाई कि जब तक विचार नहीं बदलेंगे आपकी स्थिति नहीं बदल सकती ?

यह बात कि जीवन का वास्तविक सच सोच में छिपा है मेरी समझ में जल्दी ही आ गई | पिता ने कहा अगर ऐसा नहीं मानते हो तो बताओ टाटा और आम इंसान में क्या अंतर है | बहुत सोच समझने पर यह बात घर कर गई कि हमारी सोच ही हमें दूसरों से अलग बनाती है |   अन्यथा […]


भारत में गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करने की प्रथा क्यों विलुप्त हो गई ?

अंग्रेजो ने भारत पर अपना आधिपत्य ईस्ट इंडिया कम्पनी के माध्यम से स्थापित कर लिया और भारतीय आगे न बढ़ सकें इसलिए ब्रिटिश Macaulay ने गुरुकुल शिक्षा पद्धति को पूर्णतया नष्ट कर दिया | जो हुआ सो हुआ |   आने वाले समय में लगभग २०३४ तक सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में गुरुकुल शिक्षा पद्धति दोबारा […]


हर काम ईश्वर की मर्जी से होता है तो अच्छे-बुरे कर्मों की सज़ा कौन भुगतता है ?

ब्रह्म ने सृष्टि बना दी और दृष्टा की भांति पूरे ब्रह्माण्ड को चलाता है | पूरी दुनिया कर्म के ऊपर आधारित है | जैसा कर्म करेंगे वैसा फल मिलेगा | मनुष्य को will power भी दे दी | यानी हम अपनी मर्ज़ी के मालिक | मनुष्य शरीर धारण किया है हमारी आत्मा ने |   हम तो मात्र एक निमित […]


क्या शिक्षा से आदमी महान बनता है ?

शिक्षा एक महत्वपूर्ण रोल अदा करती है सफल जीवन जीने में लेकिन अशिक्षित मनुष्य अगर अपनी सोच पर कंट्रोल स्थापित कर ले तो कोई वजह नहीं आप जीवन में पूर्ण सफलता प्राप्त करेंगे |   भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कोई बहुत ऊंची शिक्षा नहीं लेकिन ऊंची सोच से पूरे देश की कायापलट कर दी | सफल जीवन […]


क्या 5 घंटे की नींद काफी है ?

एक आम इंसान को ८ घंटे सोना चाहिए, बच्चों को अधिक | अध्यात्म के रास्ते पर चलते हुए मुझे एक अहसास हुआ, जैसे जैसे हमारे अंदर शुद्धता बढ़ती जाती है नींद की जरूरत कम पड़ती है |   जब मैं भगवान से साक्षात्कार के नजदीक था तो मेरी ८ घंटे की नींद ३~५ मिनट में बदल गई | मैं तीन […]