अध्यात्म


अध्यात्म का व्यावहारिक जीवन में क्या उपयोग है ?

व्यवहारिक जीवन में अध्यात्म का directly कुछ लेना देना नही | आम इंसान को जिसका गोल आध्यात्मिक नहीं – कभी भी अध्यात्म में उतरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए | अध्यात्म में उतरने की कोशिश का मतलब है – मोह खत्म कर लेना | अध्यात्म में उतरने की चाह घर के सामंजस्य को, आनंदमय वातावरण को छिन्न भिन्न कर देगी […]


आध्यात्मिक विकास से मनुष्य को क्या मिलता है?

आध्यात्मिक विकास/ सफर मूलतः हृदय में स्थित आत्मा के लिए होता है | जब हम अध्यात्म में साधना में उतरेंगे और आध्यात्मिक उन्नति होगी तो हमारा बंद पड़ा मस्तिष्क का हिस्सा खुलने लगेगा | हम ब्रह्म के नजदीक जाने लगेंगे/ हमारी आत्मा शुद्धि प्राप्त करने लगेगी | मानसिक विकास से खुद को अत्यंत आनंद की अनुभूति होती है |   […]


कोई केवल आध्यात्मिक हो सकता है क्योंकि भौतिकता के बिना आध्यात्मिक होना सम्भव नहीं ?

केवल आध्यात्मिक जैसी कोई चीज ब्रह्माण्ड में exist नहीं करती | अगर करती तो आत्मा को शरीर धारण करने की जरूरत ही क्यों होती ? एक आत्मा को अपने शुद्ध रूप में वापस आने के लिए कर्म करना ही होता है | और कर्म भौतिक शरीर ही करता है | आत्मा स्वयं तो दृष्टा की भांति रहती है |   […]


आध्यात्मिकता में कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप शरीर नहीं हैं ?

हम आत्मा हैं शरीर नहीं हैं – इस बात को जानने के लिए महर्षि रमण ने एक experiment किया | वह तख्त पर शवासन की मुद्रा में लेट गए और और अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया, उस तरह से जैसे वह मृत हो | कुछ देर बाद उन्होंने देखा शरीर तो अभी भी चल रहा है | कोई चीज […]


आजकल शुगर की बीमारी क्यों आम है ?

शुगर होने के मेन कारण 2 हैं – यह genetic बीमारी है, माता पिता से आ सकती है | दूसरा वैज्ञानिक प्रगति | पिछले कुछ सालों में टीवी, मोबाइल जैसे गैजेट्स आने के कारण घर बैठे सब काम हो जाते हैं | पहले घर पर मेहमान आते थे तो दौड़ कर बर्फ लाते थे कि मेहमान की शिकंजी बन सके […]


क्या आध्यात्म विज्ञान से विपरीत है ?

इंसान धरती पर हमेशा दो जिंदगी एक साथ जीता है | जब छोटा है स्कूल जाता है फिर कॉलेज और उसे विज्ञान की समझ आ जाती है | अपने को भौतिक जीवन में आगे बढ़ाने के लिए विज्ञान की जरूरत पड़ती है और कम शब्दों में कहा जाए तो रोटी रोज़ी कमाने के लिए |   इसके विपरित बचपन से […]