जब हम मोबाइल में गाने सुनते हैं तो क्या मोहम्मद रफी मोबाइल में बैठे हैं ? गाना कहीं से प्रसारित हो रहा है और हम तो बस अपने मोबाइल के receiver में ग्रहण कर रहे हैं | इस तरह जितने मोबाइल (यानी मनुष्य) उतने ही receiver (यानि मनुष्य का हृदय) | तो क्या बहुत सारे कृष्ण हैं जो अलग अलग मनुष्यों के हृदय में बैठे हैं ?
Transmitter (ब्रह्म) तो एक ही है – receivers (मनुष्य) अनगिनत हो सकते हैं | भारतीय दर्शन शास्त्रों में कृष्ण और कोई नहीं हृदय में स्थित हमारी खुद की आत्मा है | जब हम पूर्णतया सत्य का साथ देते हैं तो हृदय से आती सारथी कृष्ण की आवाज़ बिल्कुल साफ सुनाई देती हैं | मैं 5 वर्ष की आयु से हृदय से आती आवाज़ बिल्कुल साफ सुनता आया हूं |
Difference between Atman and Brahman | आत्मा परमात्मा में भेद | Vijay Kumar Atma Jnani
