सच्चा गुरु कौन होता है और कैसे प्राप्त करे ?


जो जीवन में कुछ भी सीख दे, वह सच्चा गुरु है | हमारे इंग्लिश मीडियम स्कूल में हिंदी के नए अध्यापक आए, सिर्फ 6 महीने रहे लेकिन उन से नाता 50 साल बाद भी वैसा ही है, आदर और प्रेम का | सातवीं कक्षा में कुछ ऐसा हुआ, उनकी बताई बातों का मुझ पर बहुत गहरा असर पड़ा और मेरे द्वारा कही कुछ बातों का उनके ऊपर |

 

आध्यात्मिक सफर में प्रश्नों के उत्तर की खोज में मौलवियों, पादरियों, बौद्ध धर्म से जुड़े लामाओं और न जाने किस किस से मिला | जिससे कुछ भी सीखने को मिला, उस particular ज्ञान के लिए वह मेरा गुरु | swimming में breast stroke सीखा छोटे मेंडकों से | चींटी से हार न मानने की कला | मेरा गंतव्य fixed था – इसी जन्म में प्रभु तक पहुंचना |

 

मैं एक भी मौका हाथ से जाने नहीं देता था | खोज गुरु की नहीं, ऐसे इंसान की या जीव की होती थीं जो ब्रह्म तक पहुंचाने में सहायक हो | गुरु सिर्फ माध्यम होता है, बस | गुरु प्राप्त करने की चीज नहीं, प्राप्त तो भगवान को करना है | आज के समय में जिसने गुरु बना लिया, उसका आध्यात्मिक सफर हमेशा के लिए ठप्प | गुरुजी नमस्ते, गुरुजी आप कैसे हैं – इन्हीं बातों में पूरा समय नष्ट |

 

आप और मैं के बीच हम डोलते रहेंगे | Ego (अहंकार) कम नहीं होगा तो गुरु बनाने का फायदा ?

 

आध्यात्मिक सफर में गुरु की नितांत आवश्यकता नहीं | अगर हमें यह आभास हो जाए कि हम अर्जुन हैं तो हृदय से आती कृष्ण (सारथी) की आवाज़ साफ सुन सकेंगे | फिर क्या, हृदय में स्थित कृष्ण, पूरा भगवद गीता ज्ञान स्वयं ही दे देंगे | लेकिन इसमें एक विघ्न है | हृदय से आती कृष्ण की आवाज़ तभी सुनाई देगी जब हम सत्य की राह पर चलें जो आज के कलियुग में बेहद मुश्किल प्रतीत होता है |

 

अगर ज्ञान पाना चाहते हैं, तो सत्य को पूर्णतया अपनाना ही होगा, कोई विकल्प नहीं |

 

What was the role of Arjuna in Mahabharata? आज का अर्जुन कौन आध्यात्मिक परिवेश में | Vijay Kumar

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