भारतीय संस्कृति – सनातन विरासत का भविष्य आज के परिपेक्ष में !


भारतीय सभ्यता लगभग 12850 साल पुरानी है – पूरी दुनिया की पहली और आखिरी पूर्ण रूपेण संस्कृति जो हमेशा से अविभाज्य थी और हमेशा रहेगी | भारतीय संस्कृति को विभाजित करने की – Deep State, CIA एवम् अन्य कई इकाइयों ने भरसक कोशिश की – सब पूर्णतया विफल | कोशिश अभी भी जारी है और इसका अंत होगा ww3 से – जब विश्व के दो कट्टरपंथी मत – ईसाई और इस्लाम धर्म आपस में भिड़ेंगे |

 

US – पूरे विश्व की वह इकाई है जो कहने को सबसे उन्नत देश लेकिन दुनिया का सबसे बड़ा terrorist organisation | दुनिया में देशों को आपस में लड़ाकर, अपने weapons को बेचना ही US का असली अभिप्राय रहा है | दुनिया के हर terrorist organisation के जन्म के पीछे Deep State/ US का सीधा हाथ है | पूरी दुनिया को अशांत रखो और अपना उल्लू सीधा करते रहो | लेकिन नरेंद्र मोदी के भारत का प्रधान मंत्री पद संभालते ही Deep State / US की नींद हमेशा के लिए गायब हो गई | क्यों ?

 

४०० वर्षों से चल रही Deep State/US की चालबाज़ी अब पूरी दुनिया समझ गई है | भारतीय जनता जागती तो है लेकिन १०० वर्ष में एक बार और जब जाग जाती है तो खूंखार शेर से भी भयंकर | यह रचना मानव की नहीं अपितु ब्रह्म द्वारा रची गई है | भारत के इतिहास/ विरासत को धूमिल करने की क्षमता किसी में नहीं – किसी में भी नहीं | ब्रह्म स्वयं आकर कुछ उथल पुथल कर दें तो अलग अन्यथा भारत को अब अखंड भारत बनने से कोई नहीं रोक सकता – २६० करोड़ भारतीयों का एक विराट हजूम |

 

एक समय था जब एक भारतीय रुपया में १३ US डॉलर आते थे और अब ?

 

हर भारतीय को आने वाले समय के लिए खुद को तैयार करना ही होगा अन्यथा Deep State/ CIA द्वारा प्रेरित तिलचट्टों की तरह अनेकों तरह के अप्रत्याशित प्रवाह हमें झेलने पड़ेंगे | लड़ाई लंबी चलेगी – भारतीयों को हर terrorist state से जूझने के लिए खुद को तैयार करना होगा | सत्य को पुनर्स्थापित करने का समय आ गया है – अधर्म को हराना ही होगा | लड़ाई बाहर से नहीं – भारत में छिपे Deep State/ CIA के प्यादों को पहचान, बाहर निकाल और जड़ से नष्ट करने की है |

 

हर सच्चे भारतीय को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि हमारी मूल ताकत हमारी आत्मशक्ति है | यह भारतीय ही तो हैं जो खुद के ब्राह्म स्वरूप (physical self) और आत्मा के आपसी संबंध को भलीभांति समझते हैं | इसी कारण हम ब्रह्म से भी अदृश्य रूप से जुड़े रहते हैं | गोरी चमड़ी का क्या – ब्रह्म को मानना तो दूर, उसके होने में भी शक ? पाश्चात्य जगत की महिमा भारतीयों के समक्ष नगण्य है – उन भारतीयों के जो आध्यात्मिक सफर में उलझे हैं |

 

इस wordpress वेबसाइट का एक ही लक्ष्य है – हर भारतीय को खुद को जानने के लिए प्रेरित करना | यह किवदंती गलत नहीं की पूरा ब्रह्माण्ड हम में समाया हुआ है | अध्यात्म में उतर हम सिर्फ खुद को ही नहीं जान जाते बल्कि ब्रह्म के करीब हो जाते हैं – क्योंकि हर आत्मा परमात्मा ब्रह्म का अंश ही तो है |

 

आने वाले समय में भारतीय देखेंगे कि Deep State/ CIA/ US को ठेंगा दिखा आने वाला कल्कि अवतार – किस तरह पूरी दुनिया को अपनी मुट्ठी में कर, पूरे विश्व के समाज को एक नई दिशा देगा और हर मनुष्य को स्वयं को जानने के लिए प्रेरित करेगा | 2034 के उपरांत पूरी दुनिया में सिर्फ शांति होगी – एक नई सुबह, एक नया सवेरा, सतयुग, स्वर्णयुग की शुरुआत | अधर्म को जड़ से मिटाने के लिए कल्कि अवतार का आना ब्रह्म द्वारा सुनिश्चित है |

 

भगवद गीता में भगवान कृष्ण के माध्यम से ब्रह्म कहते हैं – ऐ इंसान ! तू खुद के कर्म पर ध्यान दे, बाकी मुझ पर छोड़ दे | हर भारतीय अगर खुद को सुधारने में लग जाए तो Golden Era दूर नहीं |

 

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