Monthly Archives: April 2024


निष्काम कर्म आज के दौर में कितना सम्भव है ?

निष्काम कर्म यानि कर्म तो करेंगे लेकिन कर्मफल के पीछे नहीं भागेंगे | कोई भी युग हो, कैसा भी समय – निष्काम भाव से काम तो हमेशा ही किया जा सकता है – बस जुनून होना जरूरी है | अगर ठान लिया इसी जीवन में तत्वज्ञान प्राप्त करना है तो कोई है/ या कोई कारण है जो हमें ऐसा करने […]


आज के समय आत्मज्ञान कैसे प्राप्त करें ?

आत्मज्ञान किसी भी समय, किसी भी युग में प्राप्त किया जा सकता है बस अपने अंदर सामर्थ होना चाहिए | भारत में 99.99% लोग जो आत्मज्ञान पाना चाहते हैं, लगभग सभी ने कोई न कोई गुरु बना रखा है | उनकी आत्मज्ञान पाने की आस तो वैसे ही zero हो गई | आत्मज्ञान के रास्ते पर गुरु का क्या काम […]


आत्मबोध कैसे करें श्रीमद्भगवद्गीता के संदर्भ में ?

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाकाव्य महाभारत में कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया गीतोपदेश एक बहुत ही सार्थक बात से हमारा परिचय कराता है | कृष्ण कहते हैं – अगर तत्वज्ञानी बनना चाहते हो/ अगर मुझ तक पहुंचना चाहते हो तो सत्य का मार्ग पकड़ अपने हृदय से आती आवाज़ को सुनो – यह आवाज़ और किसी की नहीं बल्कि […]


रोज उठना तैयार होना कमाने जाना खाना और सो जाना | क्या यही असली जिंदगी है ?

जब मैं 5 वर्ष का था और भगवान ने मेरी जिंदगी बख्श दी तो मेरे अंदर ये प्रश्न उठा कि यह जीना मरना क्या होता है | लगभग 6 वर्ष की उम्र में बेहद जिज्ञासा उत्पन्न हो गई भगवान को जानने की – सोचा उन्हीं से पूछ लूंगा | अब न जाने भगवान कब मिलेंगे तो घर के सभी बुजुर्गो […]


क्या भारत 2047 से पहले विकसित देश बन सकता है ?

विकसित होने की परिभाषा क्या है ? गगनचुंबी इमारतें, अपनी हैसियत से 20 गुना ज्यादा छापे गए dollars, हर स्त्री के दसियों boyfriend और हर मर्द की बीसियों girlfriend – क्या यही सबूत है विकसित होने का ? यह धन दौलत किस काम की जब आपके देश में संस्कार नहीं ? काफी विदेशी स्त्रियां और मर्द भारतीयों की तरह पवित्र […]


मोक्ष के बाद हम कहां जाते हैं ?

मोक्ष की स्थिति तब आती है जब हमें आत्मसाक्षात्कार हो जाता है |   What comes after Self Realization? आत्मसाक्षात्कार के बाद आत्मा कहां जाती है | Vijay Kumar


मोक्ष का अर्थ और हिन्दू शास्त्रों के अनुसार इसे प्राप्त करने का उपाय ?

मोक्ष यानी जन्म मृत्यु के चक्रव्यूह से हमेशा के लिए छुटकारा | मोक्ष प्राप्ति के लिए अध्यात्म का रास्ता लेना पड़ेगा |   What is Moksha in simple terms? मोक्ष क्या है? Vijay Kumar Atma Jnani


प्रलय के वक्त भगवान हर जीवात्मा को मुक्त करता है फिर मोक्ष के लिए इतनी मेहनत क्यों ?

मुक्ति नहीं चाहिए तो घूमते रहिए ११ लाख मनुष्य योनियों के फेर में | हर जन्म में वही नर्सरी से शुरुआत, बड़े होकर शादी और हर तरह की कलह में उलझते रहिए | प्रलय आने में ५०० करोड़ साल से ज्यादा का समय बाकी है |   ११ लाख योनियों का सफर यानी 1 करोड़ वर्ष की अवधि | धरती […]


क्या मानव जीवन में मोक्ष के लिए गुरु बनाना आवश्यक है ?

भारतीय दर्शन शास्त्रों भगवद गीता और उपनिषदों में यह बात बड़े स्पष्ट ढंग से समझाई गई है कि आध्यात्मिक सफर ध्यान के द्वारा किया जाता है | ध्यान में उतरने का एक ही रास्ता है चिंतन के द्वारा | आध्यात्मिक सफर एक अंदरूनी सफर है | ध्यान में जब साधक चिंतन के मार्ग से उतरेगा, उसमे किसी ब्राह्म व्यक्तित्व का […]


क्या काशी में प्राण त्यागने से मोक्ष प्राप्त होता है ?

काशी में जाकर शरीर त्यागने से अगर मनुष्य जीवन की आखिरी दहलीज पर पहुंच जाता यानी मोक्ष प्राप्त कर लेता तो इस धरती पर क्या यह संभव है कोई भी इंसान और कहीं क्यों मरता | अध्यात्म की दुनिया अगर मगर के परे है |   धार्मिक क्रियाओं में संलग्न किसी भी इंसान को शुरू से आज तक क्या मोक्ष […]


मोक्ष की अवधारणा हिंदू धर्म में संसार चक्र से कैसे संबंधित है ?

संसार चक्र यानि ८४ लाख योनियों का फेर | हर जीव (हर मनुष्य) का धरती पर एक ही गोल होता है – जल्द से जल्द ८४ लाखवी योनि में खुद को स्थापित कर लेना | क्योंकि मनुष्य ब्रह्माण्ड की सबसे उच्च योनि में स्थापित है तो जाहिर है यह काम मनुष्य ही कर पाएंगे |   मोक्ष यानि मायावी नगरी […]


क्या हरे कृष्णा हरे रामा मंत्र से मोक्ष मिल सकता है ?

अगर हम मंत्र शब्द का मतलब समझने की कोशिश करें तो अहसास होगा कि किसी भी चीज़ को बार बार कहने, सुनने से अंततः हम उसके भीतर छिपे मर्म तक पहुंच ही जाते हैं | किसी भी आध्यात्मिक शब्दावली को उसके अर्थ के साथ समझ कर जब हम मनन करते हैं, तो इसी को मंत्र कहते हैं |   तो […]


कलियुग में मोक्ष कैसे प्राप्त कर सकते हैं ?

वर्तमान कलियुग में मोक्ष प्राप्ति के लिए हमें मूलतः दो कार्य करने होंगे –   १. १२ वर्ष की अखंड ब्रह्मचर्य की तपस्या जो कठिन तो है असंभव नहीं   २. १२ वर्ष का अखंड ध्यान चिंतन के माध्यम से – इसमें हमें अपने अंदर उमड़ते हजारों प्रश्नों के उत्तर ढूंढ उन्हें जड़ से खत्म करना होगा | एक स्थिति […]


क्या कलियुग में मोक्ष की प्राप्ति होती है ?

महावीर, बुद्ध, आदि शंकराचार्य, रामकृष्ण परमहंस और महर्षि रमण – सभी मानव भगवान कलियुग में आए | कलियुग में मोक्ष प्राप्ति कठिन तो है – असंभव नहीं | आने वाला निष्कलंक कल्कि अवतार भी कलियुग के संधिकाल में दर्शन देगा |   मोक्ष प्राप्त करने के लिए साधक को अध्यात्म का रास्ता पकड़ 12 वर्ष की ध्यान और अखंड ब्रह्मचर्य […]


जिस प्रकार मनुष्य को मोक्ष प्राप्त करने का अधिकार है अन्य जीवों को क्यों नहीं ?

84 लाख योनियों के फेर में 73 लाख योनियां कीट पतंगों, पेड़ पौधों और पशु पक्षी की योनियां में गुजर जाते हैं | मनुष्य रूप में 11 लाख योनियां होती हैं | मनुष्य सूर्यमंडल में सबसे उच्च योनि में स्थापित है | मोक्ष मनुष्य योनि में ही संभव है |   ब्रह्माण्ड में सब कुछ क्रमवार होता है |   […]


क्या बोधगया में मोक्ष की प्राप्ति संभव है ?

बौद्ध धर्म में बुद्ध के बाद किसी को भी निर्वाण नहीं हुआ | 12 वर्ष की तपस्या के बाद बोधि वृक्ष के नीचे बुद्ध ने जन्म और मृत्यु के चक्रव्यूह से मुक्ति पाई | जब तक सम्पूर्ण कर्मों की निर्जरा नहीं होगी – निर्वाण हो ही नहीं सकता | मोक्ष पाने के लिए अध्यात्म के रास्ते पर चलकर 12 वर्ष […]


क्या परमात्मा को पाना मोक्ष है ?

मोक्ष एक अवस्था को कहते हैं – मानव जीवन की वह स्टेज जब वह तत्वज्ञान प्राप्त कर शिव बन चुका है और जब यह शिव शरीर छोड़ेंगे (मृत्यु को प्राप्त होंगे ) तो विष्णु रूप धारण कर लेंगे | एक शुद्ध आत्मा बन क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर विराजमान |   महावीर, बुद्ध, आदि शंकराचार्य, रामकृष्ण परमहंस और महर्षि […]


ज्ञानहीन वृक्षों को मोक्ष मिल सकता है या नहीं ?

मोक्ष सिर्फ मनुष्य योनि में संभव है | क्या 8 वी कक्षा के छात्र को डॉक्ट्रेट की उपाधि मिल सकती है ? सभी क्रमों से गुजरना होगा – 9 वी, 10 वी, 12 वी, फिर undergraduation, postgraduation और अंततः doctrate |   हर पेड़ पौधे को पहले मनुष्य योनि में आना होगा – मोक्ष की स्थिति तक पहुंचने के लिए […]


क्या मोक्ष मिलने के बाद धरती पर आना सम्भव है ?

जब आत्मा शुद्ध हो गई तो उसे धरती पर शरीर धारण करने की आवश्यकता कहां रह गई ? मोक्ष प्राप्त होने के बाद मुक्त शुद्ध आत्मा प्रलय होने तक ब्रह्मलीन रहती है | जैसी ही प्रलय की अवधि खत्म, ब्रह्म फिर big bang के द्वारा प्रस्फुटित होते हैं और सारी आत्माएं पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त हो जाती हैं 84 लाख […]


क्या इंसान जीते जी मोक्ष प्राप्त कर सकता है ?

आध्यात्मिक सफर के 2 आयाम होते हैं | पहले कैवल्य ज्ञान प्राप्त कर तत्वज्ञानी बनना | तत्वज्ञानी होते ही ब्रह्म का साक्षात्कार होगा और आप को अपने शरीर को त्यागने का मंत्र भी ब्रह्म दे देंगे | कोई भी तत्वज्ञानी 3 घंटे में अपना शरीर त्याग सकता है | शरीर त्यागने का मतलब है हमेशा के लिए जन्म मृत्यु के […]


मोक्ष के बाद आत्मा कहां जाती है ?

मोक्ष के बाद आत्मा सूर्य के गुरूत्वाकर्षण से हमेशा के लिए मुक्त होकर पूरे ब्रह्माण्ड में विचरण के लिए स्वतंत्र है | मैंने अपने आध्यात्मिक सफर में पार्श्वनाथ भगवान (जैन धर्म के 23 वे तीर्थंकर) की आत्मा का एक बार और रामकृष्ण परमहंस की आत्मा का कई बार आह्वान किया – तुरंत एक शक्ति पुंज मेरे बगल में आकर स्थित […]


क्या महाकुंभ स्नान से मोक्ष प्राप्ति संभव है ?

महाकुंभ छोड़िए जनाब, किसी भी नदी, जल धारा या नहर में स्नान करने से मोक्ष प्राप्ति संभव होती तो लोग बार बार जाकर गंगाजी में डुबकी नहीं लगाते ? फिर महावीर और बुद्ध को 12 वर्ष की अखंड तपस्या में उतरने की जरूरत क्यों पड़ी ? फिर ब्रह्म ने मनुष्य रूप के लिए 11 लाख योनियों का प्रावधान क्यों किया […]


जिन लोगों ने संसार छोड़ा उन्हें मोक्ष मिला या नहीं ?

जीवन मृत्यु का क्रम तो अबाध रूप से चलता रहता है | आत्मा ने एक शरीर धारण किया, मृत्यु हुई – आत्मा ने नया शरीर धारण कर लिया | आध्यात्मिक साधक इस बात को भलीभांति समझता है लेकिन अज्ञानी धार्मिक प्रवत्ति के लोग न जाने क्या क्या आस लगाए रहते हैं ?   धार्मिक रीतिरिवाजों में फंसे लोग अक्सर सोचते […]


अवतारवाद यानि किसी पवित्र आत्मा में ईश्वर का अंश आ जाना ?

अवतार का अवतरण तब होता है जब संस्कृति प्राय खत्म होने के कगार पर है | अभी कलियुग का अंत निकट है सतयुग में प्रवेश करना है | ऐसा कराने के लिए एक अवतार की जरूरत पड़ती है |   हिंदू धर्म में अवतार क्या है? अवतार का सही अर्थ क्या है? Vijay Kumar Atma Jnani


विज्ञान का अविष्कार क्या हुआ भगवान ने अवतार लेना बंद कर दिया ?

गलत | ब्रह्म (भगवान) ३५०० से ५००० सालों में एक बार अवतार लेते हैं | २०३२ तक कल्कि अवतार आ जाएंगे | खुद देख लेना |   भगवान का अवतार कब होता है? Vijay Kumar Atma Jnani


कौन सी आत्माएं अवतार के रूप में जन्म लेती हैं ?

अवतार यानी ऐसा व्यक्तित्व जिसमें महावीर और चाणक्य दोनों का समावेश हो | महावीर यानी एक कैवल्य ज्ञानी जिनसे एक मच्छर मारने की भी उम्मीद नहीं की जा सकती | अवतार यानी जो हर कीमत पर धर्म की पुनर्स्थापना करा सके |   कृष्ण के समय अर्जुन, कृष्ण के प्रोत्साहन और गीता उपदेश के उपरांत अपने गुरु द्रोणाचार्य और नाना […]


देवताओं ने हमारे देश में ही अवतार क्यों लिए ?

अवतार देवता नहीं हम सभी में से एक ऐसा अनूठा इंसान जो सिर्फ देशभक्त ही नहीं, प्रभु का भी प्यारा हो, बनता है | ऐसा देशभक्त जो भारतीय दर्शन के मूल शास्त्रों का अद्वितीय रूप से ज्ञाता हो | जिसके अंदर चाणक्य विद्यमान हो, एक ही रात में १०० राजा मरवाने की क्षमता | तभी न्याय संभव है |   […]


परमात्मा अवतार कब लेते हैं ?

परमात्मा, ब्रह्म हमेशा से दृष्टा की भांति कार्य करते हैं तो परमात्मा खुद कैसे अवतार लेंगे ? अध्यात्म में सभी कुछ symbolic है | सब कुछ छिपा हुआ है | हमें चिंतन के माध्यम से उतरकर अंदर खोज करनी होती है गहराई में | मोती कभी छिछले पानी में नहीं मिलते, गोताखोर को समुद्र की गहराईयों में जाना पड़ता है […]


अवतार सदैव पुरुष रूप में ही क्यों जन्म लेते हैं ?

भारतीय दर्शन के 10,800 वर्ष के इतिहास में शुरू से अभी तक सिर्फ 2 नारियों को आत्मज्ञान प्राप्त करने का मौका मिला | संत गार्गी और Maitreyi (महर्षि याज्ञवल्क्य की दूसरी पत्नी) | नारी रूप में तत्वज्ञान प्राप्त करना इसलिए मुश्किल होता है कि वे मोह से भरपूर होती हैं और मोह नहीं कटेगा तो कर्मों की निर्जरा होगी कैसे […]


क्या भगवान के सभी अवतार की पूजा करनी चाहिए ?

अवतार का पूजा पाठ से दूर दूर तक का रिश्ता नहीं | क्यों ? अवतार सिर्फ आध्यात्मिक पद्धति के तहत धरती पर अवतरित होते हैं | वह सिर्फ और सिर्फ शोधन के लिए धरती पर आते हैं | जब धरती पर अधार्मिक प्रवत्तियां सिर उठाने लगें और जीवों का रहना मुश्किल हो जाए तो हम सभी में से एक मनुष्य […]