क्या ईश्वर कमजोर है जो बिना अवतार लिए कुछ भी नहीं कर सकता ?
ईश्वर नहीं ब्रह्म – वह तो हमेशा से दृष्टा की भांति रहता है , और सिर्फ ब्रह्म ही नहीं, सारी आत्माएं भी दृष्टा की भांति रहती हैं | कर्म तो शरीर करता है जो आत्मा ने धारण किया है | जब धरती पर अधर्म सीमा लांघ जाए, मनुष्य का खुद पर कंट्रोल न रहे तो हम सभी मनुष्यों में […]
