धर्म बनाने वाला इंसान लोगों को मारने वाला इंसान फिर धर्म की क्या जरूरत ?
धर्म वह नहीं जो लोग आजकल समझते हैं | आजकल लोग धर्म को ही religion (मत) का ही पर्यायवाची मानने लगे हैं | यह पूर्णतया गलत है | धर्म तो शास्वत है, जब से ब्रह्मांड बना है तब से मौजूद है | धर्म की परिभाषा, स्वयं ब्रह्म द्वारा दी हुई – your right to do what is just and right, […]
