Yearly Archives: 2024


आध्यात्मिक विकास से मनुष्य को क्या मिलता है?

आध्यात्मिक विकास/ सफर मूलतः हृदय में स्थित आत्मा के लिए होता है | जब हम अध्यात्म में साधना में उतरेंगे और आध्यात्मिक उन्नति होगी तो हमारा बंद पड़ा मस्तिष्क का हिस्सा खुलने लगेगा | हम ब्रह्म के नजदीक जाने लगेंगे/ हमारी आत्मा शुद्धि प्राप्त करने लगेगी | मानसिक विकास से खुद को अत्यंत आनंद की अनुभूति होती है |   […]


तोतापुरी ने रामकृष्ण परमहंस को क्यों कहा ब्रह्मज्ञान चाहते हो तो काली को मारना पड़ेगा ?

तोतापुरी अद्वैत के ज्ञाता थे – ज्ञानयोग की राह पर चलने वाले | उन्हें मालूम था रामकृष्ण परमहंस आध्यात्मिक मार्ग पर कहां अटके हैं | भक्तियोग के द्वारा ब्रह्म तक पहुंचना असंभव था | तोतापुरी चाहते थे रामकृष्ण परमहंस भक्ति मार्ग छोड़ जल्दी से जल्दी ज्ञानयोग में उतर जाएं | ऐसा करने के लिए काली को छोड़ना ही पड़ेगा | […]


क्या अध्यात्म हर इंसान के लिए जरूरी है ?

आध्यात्मिक सफर कब शुरू करना चाहिए यह हर मनुष्य को तय करना है | अगर हमारी उम्र 5 वर्ष की है तो भी यह हमें खुद ही तय करना है हम इस मार्ग पर कब चलना चाहते हैं | इसमें माता पिता या अध्यापक का निर्णय काम नहीं करेगा |   जब ब्रह्म ने मनुष्यों को 11 लाख योनियों का […]


आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर व्यक्ति की निरंतरता बाधित क्यों हो जाती है ?

आध्यात्मिक सफर में continuity सिर्फ और सिर्फ एक ही बात से टूटती है – हम physical ब्रह्मचर्य तोड़ दें – चाहे masturbation के द्वारा, या स्वप्नदोष (nightfall) हो जाए | दोनों ही अवस्थाओं में progress 1~2 महीने के लिए स्थगित हो जाएगी |   और किसी भी तरह की बाधा को हम उचित कर्मों द्वारा पार कर सकते हैं लेकिन […]


क्या बुद्धिमान लोग आध्यात्मिक भी होते हैं ?

अध्यात्म का बुद्धिमत्ता से क्या लेना देना ? JRD Tata से बेहतर कर्मयोगी कोई सुना है ? उनका दूर दूर तक अध्यात्म से कोई नाता नहीं था | Tata group से बेहतर business group भारत में कोई हो सकता है ? अध्यात्म की राह पर चलने की ब्रह्म की तरफ से कोई पाबंदी नहीं |   अध्यात्म में अंगूठा टेक […]


क्या पाकिस्तान के आने वाले समय की भविष्यवाणी कर सकते हैं ?

आने वाले समय में विश्व युद्ध के दौरान जब US को मालूम चलेगा उसके देश में होती तबाही का mastermind pakistan है तो US 5 दिन भी नहीं लगायेगा पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करने में | ww3 के बाद जब nuclear radiation छट जायेगी तो पूरा पाकिस्तान भारत का अभिन्न अंग होगा |   800 करोड़ लोगों के कर्मफल तय करेंगे […]


अध्यात्म और जवानी में क्या सम्बन्ध है ?

अध्यात्म और जवानी का गूढ़ रिश्ता है | अगर सच में आध्यात्मिक सफर इसी जन्म में पूरा करना है तो अध्यात्म में कदम जवानी में ही रखना होगा, जितना जल्दी हो – बेहतर होगा | जवानी में 12 साल की तपस्या पूरी करने के chance ज्यादा हैं बुढ़ापे के comparison में |   बुढ़ापा आते आते हाथ पैर इतने ढीले […]


बाबा वंगा ने भविष्यवाणी की है 2025 में यूरोप की आबादी शून्य हो जाएगी ?

कब होगा कह नहीं सकते लेकिन आने वाले समय में हर यूरोपियन देश की आबादी औसतन 20% घट जाएगी | कुछ देशों की 40% तक जैसे Denmark/Poland | ज्यादातर यूरोपियन देश भारत के साथ ज्यादती करते आए हैं – US और Britain के influence में | गलत काम का गलत परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा | अब कुदरत उन्हें अच्छी […]


2034 में आप भारत का भविष्य कैसा देखना चाहते हैं ?

देखने वाली बात तो है ही नहीं – 2034 में योगी आदित्यनाथ भारत के executive president के रूप में देश का कार्यभार संभालेंगे | उनका साथ देंगे हिमंता बिस्वा सर्मा, देश के होम मिनिस्टर | मजाल है एक भी पुलिस personnel 1/= की रिश्वत मांग ले | 2034 तक भारत – अखंड भारत बन चुका होगा | चारों ओर खुशहाली […]


आपकी सोच और विचारधारा आपकी नियति निर्धारित करती है ?

किसी भी कार्य की जड़ में सोच होती है – पहले हम सोचते हैं फिर उस सोच को क्रियान्वित करते हैं | अब तक हमने पिछले जन्मों में जो सोचा और क्रियान्वित किया उसी कर्मफल के आधार पर वर्तमान जीवन मिला | तो आज के जीवन के लिए कौन जिम्मेदार हुआ – हमारी पिछले जन्मों से चली आ रही सोच […]


जब सब कुछ नियति में लिखा है तो हमने कैसे बुरे कर्म किये ?

जैसा हमने सोचा वैसी हमारी जिंदगी होती चली गई | नियति में लिखा हुआ से मतलब क्या हुआ ? आज तक सभी जन्मों में जो हमने सोचा और क्रियान्वित किया उसी अनुसार हमारी नियति लिखी गई | कर्मानुसार अगर इस जन्म में हम ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए तो इसमें भगवान का क्या रोल ?   हमारे पूर्व जन्मों के […]


कलयुग में भगवान का दर्शन दुर्लभ क्यों हो गया है ?

भगवान कहां स्थित हैं – हमारे हृदय में अंश रूप में आत्मा बनकर बैठे हैं | अगर हमारी सोच positive है – हम कभी किसी का गलत नहीं सोचते हैं तो भगवान के दर्शन समय समय पर होते रहेंगे | 5 वर्ष की आयु से हमेशा सब का भला सोचा और किया, मुझे तो कभी महसूस नहीं हुआ कि परमात्मा […]


आने वाले समय में भारत में किस क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिलेगी ?

2034 तक भारत के अखंड भारत बनने के 100% chance हैं | सतयुग की शुरुआत – हर field में खुशहाली | जब भारत दोबारा सोने की चिड़िया कहलायेगा – उससे पहले हर क्षेत्र में भारत शीर्ष पर होगा | बात ब्राह्म खुशी की नहीं – आनंद की अनुभूति की है |   गुरुकुल में शिक्षा के बाद हर भारतीय अंदर […]


आधुनिक भारत में सबसे विश्वसनीय आध्यात्मिक गुरू कौन है ?

बचपन में मैंने गुरु खोजने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफलता ही हाथ लगी | फिर स्वयं ब्रह्म ही मेरे गुरु हो गए – कैसे, यह मैं अन्यत्र/ videos में बता चुका हूं | फिर आध्यात्मिक सफर में एक बड़ी विचित्र बात समझ आयी – सारी दुनिया गुरु ढूंढ़ती है, विलाप करती है भरोसे का गुरु कहां ढूंढे ?   […]


सबसे पहले गुरु कौन होता है ?

किसी से भी पूंछे कि सबसे पहला गुरु कौन – सबका उत्तर एक ही होगा – मां | गलत | जीवन में सबसे पहला गुरु – ब्रह्म/ या कहें हृदय में बैठी हमारी खुद की आत्मा | ऐसा क्यों ?   जब 5 वर्ष की आयु में मौत से आमना सामना हो गया और सभी डॉक्टर्स यह कह कर चले […]


कम उम्र में बच्चों के लिए क्या आध्यात्मिक शिक्षा आवश्यक है ?

अध्यात्म का सिर्फ मूल ही बच्चों को दिया जा सकता है – अध्यात्म क्या है, उसके रास्ते पर चलकर क्या उपलब्धि होती है | जब तक भारत में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली वापस नहीं आएगी, बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान देना संभव नहीं | अध्यात्म कभी भी पढ़ाया नहीं जा सकता | वह तो अन्दर का सफर है – हृदय में स्थित […]


क्या अध्यात्मिक होना अति कठिन है ?

अध्यात्म एक अंदरुनी सफर है जो सिर्फ चिंतन के माध्यम से किया जा सकता है | 800 करोड़ लोगों में 10 लोग नहीं जो चिंतन में उतर पाते हैं – ऐसा क्या ? चिंतन में उतरकर 12 वर्ष की अखंड ध्यान और ब्रह्मचर्य की तपस्या अगर कोई पूरी कर ले तो वह महर्षि रमण के लेवल पर पहुंचकर जन्म मृत्यु […]


आप क्या बताना चाहते हैं कि लोग उसको पढ़कर जागरूक बनें ?

हर भारतीय को यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि अर्जुन और कोई नहीं वह खुद है | महर्षि वेदव्यास ने महाभारत महाकाव्य की रचना सिर्फ इसलिए की कि हर मनुष्य अध्यात्म में उतर मोक्ष प्राप्त कर सके | अध्यात्म के रास्ते पर कैसे चलें यह भगवद गीता में वर्णित है | लेकिन भगवद गीता पढ़े कौन और पढ़ भी […]


हिंदुस्तान को लेकर नास्त्रेदमस की कौन सी भविष्यवाणी सच होने वाली है ?

नास्त्रेदमस की निम्न क्वॉट्रेन देखें (quatrain Century 1 Quatrain 53) –   Alas, how we will see a great nation sorely troubled and the holy law in utter ruin. Christianity (governed) throughout by other laws, when a new source of gold and silver is discovered.   यह क्वॉट्रेन US के आने वाले परेशानी भरे दिनों की कहानी बयां करती है […]


नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी में जिस महापुरुष का जिक्र किया है वह कौन है ?

जिस महापुरुष को नास्त्रेदमस अपनी भविष्यवाणियों में Chyren (Selin) कहते हैं – वह और कोई नहीं बल्कि आने वाला कल्कि अवतार है जो भारत को अखंड भारत बनाने में सफल होगा और धर्म की पुनर्स्थापना करेगा | 64 कलाओं से युक्त कल्कि अवतार कोई भी ऐसा कार्य नहीं होगा जिसको करने में सक्षम नहीं होगा |   ऐसा सतयुग स्थापित […]


क्या सारे संसार में एक ही शासक बनने की भविष्यवाणी की गई है ?

भारतीय दर्शन शास्त्र directly तो नहीं लेकिन indirectly इस बात को बेहद सहजता से कहते है कि निष्कलंक 64 कलाओं से सुसज्जित कल्कि अवतार पूरी दुनिया का मुखिया होगा | world war 3 के बाद बचे 660 करोड़ लोगों में 400 करोड़ कल्कि के अनुयाई होंगे तो बचा क्या ?   भारत के एक छोटे से गांव में जन्मा कल्कि […]


क्या 50-55 की उम्र में 25-30 का जोश व जवानी पाई जा सकती है ?

ब्रह्मचर्य का सही पालन (जैसा वीडियो में समझाया है – 100 करोड़ के मंत्र के साथ) अगर शिद्दत के साथ करना शुरू कर दिया तो 16~18 की उम्र में बॉडी की जो position थी वैसी वापस मिल जायेगी | साथ में थोड़ा सुबह के वक़्त जॉगिंग जरूरी है या किसी भी तरह का व्यायाम |   22 वर्षों तक बुखार […]


भारत कब तक घूसमुक्त देश बन सकता है ?

भारत के 2034 तक अखंड भारत बनते ही भ्रष्टाचार हमेशा के लिए खत्म | 1/= की चोरी और सीधे फांसी | जुर्म साबित होते ही कोई कोर्ट नहीं, कोई सुनवाई नहीं – बस दंड का प्रावधान होगा | तृतीय विश्व युद्ध में 140 करोड़ लोगों की मृत्यु के पश्चात् इंसान का जीने का नजरिया ही बदल जायेगा | लोग सोने […]


इन्सान की जिंदगी में सबसे जरूरी क्या होता है ?

इंसानी जिंदगी में जीवन के लक्ष्य के बिना जीवन पास करने का कोई महत्व नहीं | जीवन तो पशु पक्षी भी गुजारते हैं | जीवन जीने के लिए बना है पास करने के लिए नहीं | 5 वर्ष की आयु में भगवान से पहली मुलाक़ात हुई | उनके पीछे जाने का तय किया | स्कूल जाने लगा लेकिन अंदर भगवान […]


क्या निराकार ब्रह्म श्री कृष्ण से सर्वोच्च है हम किसको माने ब्रह्म को या कृष्ण को ?

जब हम मोबाइल में गाने सुनते हैं तो क्या मोहम्मद रफी मोबाइल में बैठे हैं ? गाना कहीं से प्रसारित हो रहा है और हम तो बस अपने मोबाइल के receiver में ग्रहण कर रहे हैं | इस तरह जितने मोबाइल (यानी मनुष्य) उतने ही receiver (यानि मनुष्य का हृदय) | तो क्या बहुत सारे कृष्ण हैं जो अलग अलग […]


महादेव की तीसरी आंख कब खुलती है ?

अगर हम आध्यात्मिक दृष्टि से देखें – महादेव, शिव की उपाधि उस तत्वज्ञानी को दी जाती है जब वह पूर्ण कुण्डलिनी जागरण के बाद तीसरा नेत्र खोलने में कामयाब हो जाता है | तीसरा नेत्र यानि ज्ञान चक्षु – जब हम कर्मों की पूर्ण निर्जरा कर अपने मस्तिष्क को 100% एक्टिवेट कर लेते हैं तो हम reservoir of mind plus […]


भगवान शिव को भोले क्यों कहते है ?

रामकृष्ण परमहंस जब तत्वज्ञानी होने की कगार पर थे तो कुत्ता जो रोटी छीन कर भाग रहा था, उसके पीछे घी का कड़छा लेकर भागते थे, यह चिल्लाते हुए कि रोटी तो चिपड़ दूं, सूखी हैं गला कट जायेगा | उन्हें कुत्ते में भी भगवान नजर आते थे | और कुत्ता यह सोचकर कि चोरी पकड़ी गई, कड़छे से मार […]


कोई केवल आध्यात्मिक हो सकता है क्योंकि भौतिकता के बिना आध्यात्मिक होना सम्भव नहीं ?

केवल आध्यात्मिक जैसी कोई चीज ब्रह्माण्ड में exist नहीं करती | अगर करती तो आत्मा को शरीर धारण करने की जरूरत ही क्यों होती ? एक आत्मा को अपने शुद्ध रूप में वापस आने के लिए कर्म करना ही होता है | और कर्म भौतिक शरीर ही करता है | आत्मा स्वयं तो दृष्टा की भांति रहती है |   […]


आत्मसाक्षात्कार कठिन क्यों होता हैं ?

आत्मसाक्षात्कार कठिन नहीं होता क्योंकि वह तो प्रभु देते हैं, जब भी मिलेगा ? कठिन है अध्यात्म की राह पर चलना | 63 साल के आध्यात्मिक सफर में पूरी दुनिया में मुझे आज तक 10 लोग नहीं मिले जो अध्यात्म शब्द का सही मतलब बता सकें, सफर तो बाद में ही करेंगे | कोई ध्यान में उतरना ही नहीं चाहता […]


आध्यात्मिकता में कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप शरीर नहीं हैं ?

हम आत्मा हैं शरीर नहीं हैं – इस बात को जानने के लिए महर्षि रमण ने एक experiment किया | वह तख्त पर शवासन की मुद्रा में लेट गए और और अपने शरीर को ढीला छोड़ दिया, उस तरह से जैसे वह मृत हो | कुछ देर बाद उन्होंने देखा शरीर तो अभी भी चल रहा है | कोई चीज […]