ध्यान के बाद उत्तर मिल गया कि कौन हूँ लेकिन धरती पर क्यों भेजा गया – नहीं मिला ?
चौरासी लाख योनियों के फेर को अगर आप भलीभांति समझ लें तो समझ आयेगा कि हमें नहीं बल्कि हमारी आत्मा ने धरती पर शरीर इसलिए धारण किया है कि वह पूर्ण शुद्धि पा सके | स्वयं से आत्मा दृष्टा की तरह काम करती है | खुद शुद्ध नहीं हो सकती | उसे आवश्यकता पड़ती है एक शरीर धारण करने […]
