जब हम प्रभु से कुछ भी मांगते हैं तो कितनी बार सफलता हाथ लगती है ? मैंने मंदिरों में, तीर्थस्थलों में, सत्संगो में हजारों की तादाद में लोगों को भगवान से मांगते देखा है लेकिन कितने लोग हैं जो प्रार्थना करने का सही तरीका जानते हैं ? मांगना हर कोई चाहता है, बिना कुछ दिए | लकीर के फकीर बनकर हम हमेशा भगवान से कुछ न कुछ मांगते ही रहते हैं – क्या हमने कभी सोचा है भगवान को हमसे क्या चाहिए ?
बिना कुछ दिए, कुछ मिलता भी नहीं – यही सात्विक सच है | जब तक आपके अंदर दूसरों की मदद करने का आवेग नहीं होगा, कितनी भी प्रार्थना कर लें – कुछ भी हासिल नहीं होगा | 5 वर्ष की आयु से मैं एक पल भी खुद के लिए नहीं जिया | जब भी ब्रह्म से कुछ मांगता – पूरी मानव जाति के लिए | 5 वर्ष की आयु से मुझे याद नहीं – मैंने ब्रह्म से कुछ मांगा और मिला न हो |
जब मां मृत्यु के करीब थी तो मैंने ब्रह्म से उनकी उम्र बढ़ाने को कहा | ब्रह्म ने एक मंत्र दिया और यह भी कहा पहले मां से पूछ तो ले उसे उम्र बढ़वानी है या नहीं | मैं एक दिन office से जल्दी लौटा | मां दरवाजे के पास ही तख्त पे बैठना पसंद करती थी | मां को देखा – उसने मुझे | मैंने मन ही मन मां से कहा – बस | वह भी मन ही मन बोली – हां, तीन दिन में शरीर छोड़ दूंगी |
फिर मेरे मुंह से निकला – मां मुझे ब्रह्म ने मंत्र दिया है, मैं अपनी उम्र में से 10 वर्ष तुझे ट्रांसफर कर सकता हूं, दे दूं ? मां बोली – तू तो जानता है, मेरा शरीर कितना कमजोर और जर्जर हो चुका है | मैं तो 3 दिन बाद नया शरीर मिलने की उम्मीद में बेहद खुश हूं | मेरे जाने के बाद तू खुश रहना और सबका खयाल रखना | और ठीक तीसरे दिन मां हमेशा के लिए इस दुनिया से चली गई | ब्रह्म की बात सच साबित हुई – मां अपने जर्जर शरीर से तंग आ चुकी थी |
मैंने जीवन में जितनी भी तपस्या, आत्मचिंतन किया, उसी के फलस्वरूप ब्रह्म ने मुझे उस मंत्र से नवाजा | वह भी उस मां के कारण जो मेरे दिल के बहुत करीब थी, उसी के कारण ५ वर्ष की आयु में मैं मौत के आगोश में जाने से बच गया था | सही प्रार्थना करने का तरीका मुझे अनायास ही 5 वर्ष की आयु में आ गया था | ब्रह्म से प्रार्थना की और वह पूरी हो गई | बस तभी से ब्रह्म के ऊपर दृढ़ विश्वास हो गया | पूरे जीवन भर फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा |
सत्य का मार्ग हो, प्रार्थना करने की सही पद्धति साथ हो तो आध्यात्मिक सफर सुगम हो जाता है | ब्रह्म से कभी कुछ मांगना नहीं चाहिए, ब्रह्म से हमेशा logical होकर तर्क द्वारा आग्रह करना चाहिए | अगर ब्रह्म को लगेगा हम पूरी मानव जाति के हित की बात कर रहे हैं तो वह हमारी प्रार्थना पर ध्यान देगा, अन्यथा नहीं | भारतीय अध्यात्मिक परिवेश में, कोई भी साधक ब्रह्म द्वारा दिए गए मंत्र स्वयं पर फलीभूत नहीं कर सकता | इंसान की मैं का ब्रह्म के समक्ष कोई महत्व नहीं |
Is it necessary to go to temple to Realize God | भगवान की प्राप्ति के लिए क्या मंदिर जाना आवश्यक है
