Monthly Archives: April 2024


क्या कुंडलिनी शक्ति मृत्यु के बाद सक्रिय रहती है ?

जैसे जैसे कुण्डलिनी जागृत होती है उसी अनुपात में हमारा बंद पड़ा मस्तिष्क खुलने लगता है | suppose इस जन्म के समय हमारा मस्तिष्क 2% activated था | अध्यात्म में उतरने के कारण मृत्यु के समय हमारा मस्तिष्क 9% एक्टिव हो गया | अब आत्मा जो भी अगला मनुष्य शरीर धारण करेगी उसका मस्तिष्क जन्म से 9% activated होगा | […]


ईश्वर एक ही है तो इतने धर्म क्यों बने ?

कहा जाता है अगर हम बरगद/ पीपल के पेड़ की उत्पत्ति को देख लें तो विभिन्न धर्मों/ मतों की उत्पत्ति का कारण समझ आएगा | जब एक पेड़ उगता है तो पहले एक single तना होता है | धीरे धीरे उसमे शाखाएं उत्पन्न होनी शुरू होती हैं |   धर्म के पेड़ में पहले धर्म आया जिसे हम सनातन धर्म […]


जितना शांत रहोगे सफल हो जाओगे सहमत हो ?

Silence – शांत रहना अपने आप में एक बेहतरीन कला है | अंतर्मुखी होकर साधक अपने अंदर 12 साल की ध्यान की साधना में आराम से उतर सकता है | अंतर्मुखी साधक को बाहर का कोलाहल कभी परेशान नहीं करता | जो साधक जितना शांत है उतना तेजी से तरक्की करता है | कारण – पूरी शक्ति एक ही goal […]


नाकारात्मक बातें मनुष्य को अपनी ओर क्यों खींचती है ?

आम मनुष्य पांचों इंद्रियों और मन के वशीभूत हो काम करता है | यही इंद्रियों इंसान को विभिन्न विषयों की ओर लालायित करती हैं | हम पशु योनि से मनुष्य योनि में आएं है | Negative कार्यों की ओर मन पहले जाता है क्योंकि इससे हमारी मैं (अहम) को संतुष्टि मिलती/ दिखाई देती है | जब तक हम आध्यात्मिक नहीं […]


सनातन धर्म में महिलाओं का क्या स्थान है ?

जब से सभी आत्माएं प्रभु के घर से निकली वे वापस शुद्ध होकर ब्रह्मलीन होना चाहती हैं | ब्रह्माण्ड में घूमती आत्माओं को घर मिलता है धरती मां पर और आत्माओं का 84 लाख योनियों का सफर शुरू हो जाता है | अगर धरती मां जैसे ग्रहों का अस्तित्व नहीं हो तो आत्मा शुद्धता कैसे प्राप्त करेंगी ?   सनातन […]


सनातन धर्म का सबसे बड़ा दुश्मन कौन है ?

आज के समय सनातन धर्म का सबसे बड़ा दुश्मन है जिसे Global deep state का नाम दिया गया है – दुनिया की लगभग 300 families जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को control करती हैं | कोई मरे या जिए, कोई देश खत्म हो जाए – हर हालत में उन्हें सिर्फ अपने profit से सरोकार होता है | सोशल मीडिया में […]


समुद्र मंथन का अभिप्राय तथा इसके पीछे का दर्शन क्या है ?

जब से मानव सभ्यता अस्तित्व में आयी है ब्रह्म ने श्रुति के द्वारा ऋषियों को समुद्र मंथन की गाथा दी | भारतीय दर्शन शास्त्र कहते हैं मनुष्य के जीवन का लक्ष्य है जन्म और मृत्यु से आत्मा को हमेशा के लिए मुक्त कर देना | इसके लिए मनुष्य को तत्वज्ञान और फिर मोक्ष प्राप्त करना होगा | यह संभव हो […]


क्या सनातन धर्म सभी धर्मों का मूल है ?

भारतीय परिवेश में हिन्दू और जैन – दोनों धाराओं को धर्म/ मत नहीं माना जाता – बल्कि a way of life (जीवन जीने का एक माध्यम) मानते हैं – एक ऐसा साधन जिसके सही पालन से मोक्ष की स्थिति तक पहुंचा जा सकता है | आज के समय में धर्म को ही religion कहने लगे हैं और इस परिभाषा से […]


क्या महाभारत महाकाव्य का एक ही रचयिता था ?

अगर हम किसी भी IIT या institute का अवलोकन करें तो देखेंगे कि काफी सारे professors होते हैं और उन्हीं में से एक professor को director बना दिया जाता है | जब भी IIT में कोई खास काम होता है तो डायरेक्टर का नाम उस कीर्ति में अवश्य आता है | भले ही director का directly उसमे कोई योगदान न […]


ब्रह्मचर्य गृहस्थ संन्यास तथा वानप्रस्थ इन चार आश्रमों में कौन सर्वश्रेष्ठ है ?

मनुष्य शरीर में पैरों, शरीर, हाथों, कान, आंखों में कौन सर्वश्रेष्ठ है ? उत्तर होगा सभी | सभी आश्रम जीवन की अलग अलग अवस्थाएं हैं | जीवन के शुरू के 25 वर्ष माता पिता की देखरेख में गुजरते हैं – ब्रह्मचर्य आश्रम | यह वह समय है जब हम अपने को शिक्षित करते है आने वाले समय के लिए | […]


ब्रह्मज्ञान और आत्मज्ञान क्या गंभीर लोगों की धरोहर है ?

आत्मज्ञान/ ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना है तो serious तो होना ही पड़ेगा | एक लाख नोबेल पुरस्कार स्वामी विवेकानंद के चरणों में समर्पित कर दें तो भी स्वामी के लिए उनकी कीमत zero ही रहेगी ? आत्मज्ञान ब्रह्मज्ञान भौतिक ज्ञान से हटकर है – भौतिक ज्ञान जिसका मूल उद्देश्य होता है रोटी रोज़ी कमाना |   कोई भी इंसान कितना भी […]


आत्मज्ञान सिर्फ लॉजिक है पर बहुत कम लोग आत्मज्ञान प्राप्त कर पाते हैं ?

यह बात सही है कि आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए logic के रास्ते पर चलना होता है | चिंतन में हमें logic के द्वारा सत्य तक पहुंचना है | सत्य हर हाल में एक ही है विकल्प कई हो सकते हैं | सत्य/ logic की राह पकड़ हमें भगवद गीता के श्लोकों में छिपे तत्व/ मर्म तक पहुंचना है | […]


अच्छे आध्यात्मिक अनुभव क्या पूर्व जन्म की साधना का फल हैं ?

हम इस जन्म में अध्यात्म के रास्ते पर जायेंगे कि नहीं यह पूर्व जन्म के निचोड़ (मृत्यु के समय का कर्मफल) पर निर्भर करता है | इस जन्म में हमें क्या क्या आध्यात्मिक अनुभव होंगे यह निर्भर करता है हमारे पूर्व जन्मों के संचित कर्मफल और वर्तमान जीवन के कर्मफल के आधार पर |   एक accountant की balance sheet […]


अध्यात्म का व्यावहारिक जीवन में क्या उपयोग है ?

व्यवहारिक जीवन में अध्यात्म का directly कुछ लेना देना नही | आम इंसान को जिसका गोल आध्यात्मिक नहीं – कभी भी अध्यात्म में उतरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए | अध्यात्म में उतरने की कोशिश का मतलब है – मोह खत्म कर लेना | अध्यात्म में उतरने की चाह घर के सामंजस्य को, आनंदमय वातावरण को छिन्न भिन्न कर देगी […]


क्या सनातन धर्म सबसे बेहतर धर्म है ?

सनातन – ऐसा धर्म सो हमेशा से विद्यमान है – चाहे उसे हिन्दू धर्म कह लो या सनातन धर्म – या भारतीयों के द्वारा पालन किए जाने वाला धर्म – सनातन धर्म की विरासत 10,800 साल पुरानी है | इन्हीं 10800 सालों में वेद आए, इश्वाकु वंश आया (राम का समय), उपनिषद आए और अंततः महर्षि वेदव्यास द्वारा प्रतिपादित महाभारत […]


आध्यात्मिक विकास से मनुष्य को क्या मिलता है?

आध्यात्मिक विकास/ सफर मूलतः हृदय में स्थित आत्मा के लिए होता है | जब हम अध्यात्म में साधना में उतरेंगे और आध्यात्मिक उन्नति होगी तो हमारा बंद पड़ा मस्तिष्क का हिस्सा खुलने लगेगा | हम ब्रह्म के नजदीक जाने लगेंगे/ हमारी आत्मा शुद्धि प्राप्त करने लगेगी | मानसिक विकास से खुद को अत्यंत आनंद की अनुभूति होती है |   […]


तोतापुरी ने रामकृष्ण परमहंस को क्यों कहा ब्रह्मज्ञान चाहते हो तो काली को मारना पड़ेगा ?

तोतापुरी अद्वैत के ज्ञाता थे – ज्ञानयोग की राह पर चलने वाले | उन्हें मालूम था रामकृष्ण परमहंस आध्यात्मिक मार्ग पर कहां अटके हैं | भक्तियोग के द्वारा ब्रह्म तक पहुंचना असंभव था | तोतापुरी चाहते थे रामकृष्ण परमहंस भक्ति मार्ग छोड़ जल्दी से जल्दी ज्ञानयोग में उतर जाएं | ऐसा करने के लिए काली को छोड़ना ही पड़ेगा | […]


क्या अध्यात्म हर इंसान के लिए जरूरी है ?

आध्यात्मिक सफर कब शुरू करना चाहिए यह हर मनुष्य को तय करना है | अगर हमारी उम्र 5 वर्ष की है तो भी यह हमें खुद ही तय करना है हम इस मार्ग पर कब चलना चाहते हैं | इसमें माता पिता या अध्यापक का निर्णय काम नहीं करेगा |   जब ब्रह्म ने मनुष्यों को 11 लाख योनियों का […]


आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर व्यक्ति की निरंतरता बाधित क्यों हो जाती है ?

आध्यात्मिक सफर में continuity सिर्फ और सिर्फ एक ही बात से टूटती है – हम physical ब्रह्मचर्य तोड़ दें – चाहे masturbation के द्वारा, या स्वप्नदोष (nightfall) हो जाए | दोनों ही अवस्थाओं में progress 1~2 महीने के लिए स्थगित हो जाएगी |   और किसी भी तरह की बाधा को हम उचित कर्मों द्वारा पार कर सकते हैं लेकिन […]


क्या बुद्धिमान लोग आध्यात्मिक भी होते हैं ?

अध्यात्म का बुद्धिमत्ता से क्या लेना देना ? JRD Tata से बेहतर कर्मयोगी कोई सुना है ? उनका दूर दूर तक अध्यात्म से कोई नाता नहीं था | Tata group से बेहतर business group भारत में कोई हो सकता है ? अध्यात्म की राह पर चलने की ब्रह्म की तरफ से कोई पाबंदी नहीं |   अध्यात्म में अंगूठा टेक […]


क्या पाकिस्तान के आने वाले समय की भविष्यवाणी कर सकते हैं ?

आने वाले समय में विश्व युद्ध के दौरान जब US को मालूम चलेगा उसके देश में होती तबाही का mastermind pakistan है तो US 5 दिन भी नहीं लगायेगा पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करने में | ww3 के बाद जब nuclear radiation छट जायेगी तो पूरा पाकिस्तान भारत का अभिन्न अंग होगा |   800 करोड़ लोगों के कर्मफल तय करेंगे […]


अध्यात्म और जवानी में क्या सम्बन्ध है ?

अध्यात्म और जवानी का गूढ़ रिश्ता है | अगर सच में आध्यात्मिक सफर इसी जन्म में पूरा करना है तो अध्यात्म में कदम जवानी में ही रखना होगा, जितना जल्दी हो – बेहतर होगा | जवानी में 12 साल की तपस्या पूरी करने के chance ज्यादा हैं बुढ़ापे के comparison में |   बुढ़ापा आते आते हाथ पैर इतने ढीले […]


बाबा वंगा ने भविष्यवाणी की है 2025 में यूरोप की आबादी शून्य हो जाएगी ?

कब होगा कह नहीं सकते लेकिन आने वाले समय में हर यूरोपियन देश की आबादी औसतन 20% घट जाएगी | कुछ देशों की 40% तक जैसे Denmark/Poland | ज्यादातर यूरोपियन देश भारत के साथ ज्यादती करते आए हैं – US और Britain के influence में | गलत काम का गलत परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा | अब कुदरत उन्हें अच्छी […]


2034 में आप भारत का भविष्य कैसा देखना चाहते हैं ?

देखने वाली बात तो है ही नहीं – 2034 में योगी आदित्यनाथ भारत के executive president के रूप में देश का कार्यभार संभालेंगे | उनका साथ देंगे हिमंता बिस्वा सर्मा, देश के होम मिनिस्टर | मजाल है एक भी पुलिस personnel 1/= की रिश्वत मांग ले | 2034 तक भारत – अखंड भारत बन चुका होगा | चारों ओर खुशहाली […]


आपकी सोच और विचारधारा आपकी नियति निर्धारित करती है ?

किसी भी कार्य की जड़ में सोच होती है – पहले हम सोचते हैं फिर उस सोच को क्रियान्वित करते हैं | अब तक हमने पिछले जन्मों में जो सोचा और क्रियान्वित किया उसी कर्मफल के आधार पर वर्तमान जीवन मिला | तो आज के जीवन के लिए कौन जिम्मेदार हुआ – हमारी पिछले जन्मों से चली आ रही सोच […]


जब सब कुछ नियति में लिखा है तो हमने कैसे बुरे कर्म किये ?

जैसा हमने सोचा वैसी हमारी जिंदगी होती चली गई | नियति में लिखा हुआ से मतलब क्या हुआ ? आज तक सभी जन्मों में जो हमने सोचा और क्रियान्वित किया उसी अनुसार हमारी नियति लिखी गई | कर्मानुसार अगर इस जन्म में हम ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए तो इसमें भगवान का क्या रोल ?   हमारे पूर्व जन्मों के […]


कलयुग में भगवान का दर्शन दुर्लभ क्यों हो गया है ?

भगवान कहां स्थित हैं – हमारे हृदय में अंश रूप में आत्मा बनकर बैठे हैं | अगर हमारी सोच positive है – हम कभी किसी का गलत नहीं सोचते हैं तो भगवान के दर्शन समय समय पर होते रहेंगे | 5 वर्ष की आयु से हमेशा सब का भला सोचा और किया, मुझे तो कभी महसूस नहीं हुआ कि परमात्मा […]


आने वाले समय में भारत में किस क्षेत्र में वृद्धि देखने को मिलेगी ?

2034 तक भारत के अखंड भारत बनने के 100% chance हैं | सतयुग की शुरुआत – हर field में खुशहाली | जब भारत दोबारा सोने की चिड़िया कहलायेगा – उससे पहले हर क्षेत्र में भारत शीर्ष पर होगा | बात ब्राह्म खुशी की नहीं – आनंद की अनुभूति की है |   गुरुकुल में शिक्षा के बाद हर भारतीय अंदर […]


आधुनिक भारत में सबसे विश्वसनीय आध्यात्मिक गुरू कौन है ?

बचपन में मैंने गुरु खोजने की भरपूर कोशिश की लेकिन असफलता ही हाथ लगी | फिर स्वयं ब्रह्म ही मेरे गुरु हो गए – कैसे, यह मैं अन्यत्र/ videos में बता चुका हूं | फिर आध्यात्मिक सफर में एक बड़ी विचित्र बात समझ आयी – सारी दुनिया गुरु ढूंढ़ती है, विलाप करती है भरोसे का गुरु कहां ढूंढे ?   […]


सबसे पहले गुरु कौन होता है ?

किसी से भी पूंछे कि सबसे पहला गुरु कौन – सबका उत्तर एक ही होगा – मां | गलत | जीवन में सबसे पहला गुरु – ब्रह्म/ या कहें हृदय में बैठी हमारी खुद की आत्मा | ऐसा क्यों ?   जब 5 वर्ष की आयु में मौत से आमना सामना हो गया और सभी डॉक्टर्स यह कह कर चले […]