Deep State / US – दुनिया के सबसे बड़े साहूकार और BRICS सम्मेलन !


साहूकार प्रथा भारत में मूलतया विलुप्त हो चुकी है | साहूकारों के कारण अनगिनत परिवार समय से पहले नष्ट हो गए | गरीबी की मार ने उन्हें समय से पहले लील लिया या पूरे परिवारों ने आत्महत्या कर स्वयं को खत्म कर दिया | एक समय था जब एक आम इंसान के लिए साहूकार की पकड़ से बाहर निकलना लगभग असम्भव था |

 

किसी गरीब परिवार में किसी भी कारण से पैसों की आवश्यकता आन पड़ी | साहूकार ने पैसे तो दे दिए लेकिन ऐवज में घर या खेत गिरवी रखना पड़ा | साहूकार के दिए पैसों की ब्याज दर इतनी ज्यादा होती कि वह गरीब अपने जीवन में उसे चुका ही नहीं पाता था | नतीजा – घर या खेत पर कब्जा – आमदनी का साधन छिन गया तो जिए कैसे – परिवार का गुजारा कैसे होगा ?

 

ठीक यही काम Deep State / US आज तक करता आया है | World Bank या IMF के माध्यम से उभरते देशों को पहले loan दिलवाया और जब उन देशों की loan वापस देने की हैसियत नहीं रही तो उन देशों से सारा खनिज पदार्थ, जो भी संभव था – कौड़ियों के मोल खरीद लिया | गरीब उभरता देश और भी ज्यादा गरीब !

 

US – दुनिया का सबसे बड़ा साहूकार Petrodollar की मदद से international trade में कम से कम 5% commission कमाता है | दुनिया की हर major trade deal में Deep State का कमीशन तय है | Internet पर उपलब्ध आंकड़े बताते हैं यह commission 30% तक है | कर्म कुछ किया नहीं – और commission की भरमार – लेकिन कब तक ?

 

ब्रह्म द्वारा रचाए संसार का अद्वितीय नियम है – As you sow, so shall you reap – nothing less or more | यानि जो बोओगे वही काटोगे – ज्यादा कुछ भी नहीं | पूरी दुनिया Deep State / US की इस मक्कारी को भलीभांति समझ चुकी है | 2026 में भारत में होने वाला BRICS सम्मेलन इसी बात का प्रमाण है जहां भारत समेत रूस, चीन, ब्राज़ील और साउथ अफ्रीका इत्यादि जैसे देश भाग लेकर Deep State /US की इस कुरीति से छुटकारा पाने की रणनीति तय करेंगे |

 

भारत में एक कहावत प्रसिद्ध है – चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात | उस अंधेरी रात के बादल अब Deep State / US पर बुरी तरह मंडरा रहे हैं | पूरी दुनिया में अब US अलग थलग पड़ता नजर आ रहा है | US dollar छाप छाप कर US दुनिया का सिरमौर कुछ समय के लिए बना तो रहा लेकिन अब भीख मांगने की कगार पर है |

 

US का debt (देनदारी) आज USD 40 trillion है | यह साबित करता है US पर्दे के पीछे bankrupt (दिवालिया) हो चुका है | BRICS जैसी संस्था कब पर्दा खीच US का नंगापन दुनिया के सामने ले आए – कोई नहीं कह सकता | लेकिन यह सब जल्दी ही होने वाला है – Iran ने US की वरीयता को मानने से इंकार जो कर दिया है | US ने सोचा – Iraq, Syria और Venezuela की तरह Iran को भी धमका लेगा – लेकिन ब्रह्म के बनाए system में यह अब संभव नहीं | Iran Deep State / US को मुंह तोड़ जवाब देगा | और यही चिंगारी पूरे विश्व को WW3 में ढकेल देगी |

 

भारत से चुराए हीरे जवाहरात के अंबार से US / Europe ने 150~200 वर्ष मजे में काट लिए लेकिन अब जब भारत का सोया शेर (हर भारतवासी) चिर्निद्रा से जाग गया है तो आगे लूटमार कैसी ? मेहनत कर खाना तो US / Europe की आवाम ने सीखा ही नहीं – अय्याशी में पल कर बड़े हुए | समय की मार जो अब US / Canada / UK / Europe और Australia जैसे देशों को झेलनी पड़ रही है या पड़ेगी – उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं |

 

UK / Germany जैसे देशों में हजारों लड़कियां बलात्कार की शिकार हो रही है लेकिन वहां के शासन को जरा भी चिंता नहीं ! हो भी कैसे – कभी उचित कर्म तो किया नहीं | UN में बैठकर भारत के प्रति जहर उगलने के सिवा इन देशों ने किया भी क्या है ? उभरते भारत का प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी बार बार चिल्ला कर तुम्हें सावधान कर रहा तो तुम्हारे कानों में जूं भी नहीं रेंगी | US की दासता की यूरोप को ऐसी लत पड़ चुकी है कि स्वयं कुछ करने की क्षमता बाकी नहीं |

 

आने वाले समय में BRICS ही पूरे विश्व की international currency तय करेगा और जिसका आधार होगा सोना | US और Europe की supremacy हमेशा के लिए खत्म – जड़ से | इसके उपरांत भारत विश्व गुरु बन उभरेगा – जहां वसुधैव कुटुंबकम सिर्फ एक मान्यता नहीं बल्कि शाश्वत सत्य है | वसुधैव कुटुंबकम यानि पूरा विश्व एक फैमिली समान है और धरती हमारी मां |

 

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