ब्रह्म


ईश्वर हर जगह है तो लड़की का रेप होते वक्त कहाँ रहता है ?

ब्रह्म हर चेतन तत्व में मौजूद है, आत्मा ब्रह्म का अंश है | सारी आत्माएं सूर्य में स्थित हैं, वहीं से remote control से हर मनुष्य को चलाती हैं | दोनों ब्रह्म और आत्मा दृष्टा की भांति काम करते हैं – ‘no‘ interference |   मनुष्यों को ब्रह्म ने free will और विवेक दिया है जिसका इस्तेमाल कर इंसान धरती […]


भगवान स्वर्ग में क्यों रहते हैं ?

भगवान तो नहीं, हां – सारी आत्माएं स्वर्ग में रहती हैं | आत्माएं भगवान का ही तो अंश हैं | सूर्य के गर्भ में रहना उनकी मजबूरी है | आत्मा का ताप 1 करोड़ degrees Celsius से ज्यादा होता है | अगर एक आत्मा अपने मूल स्वरूप में चांद जितना नजदीक आ जाए तो सम्पूर्ण धरती को जला कर खाक […]


भगवान से बात कैसे करें ?

भगवान से बात करने की सबसे पहली requirement है – पूर्ण सत्य की राह पर चलना | एक भी असत्य, झूठ आपको भगवान से दूर ले जाएगा | भगवान में आपकी आस्था (विश्वास नहीं – मेरा भगवान में विश्वास पूरा है, से काम नहीं चलेगा) पूर्णतया 100% होनी चाहिए |   कितने लोग होंगे धरती पर जिनकी आस्था पूर्ण है […]


यदि भगवान सर्वव्यापी है तो क्या नरक में भी है ?

भगवान कण कण में व्याप्त हैं, भगवान सर्वव्यापी हैं से हमारा तात्पर्य क्या है – ब्रह्म (परमात्मा) ब्रह्माण्ड में उपस्थित सभी आत्माओं के शुद्ध रूप में संगठित स्वरूप को कहते हैं | ब्रह्माण्ड उत्पन्न होते समय सारी आत्माएं पूरे ब्रह्माण्ड में बिखर गई तो कहावत बन गई – भगवान कण कण में व्याप्त हैं | ब्रह्माण्ड फैलता जा रहा है […]


सबका मालिक एक प्रभु कौन है ?

सबके मालिक प्रभु को भारतीय शास्त्रों में ब्रह्म कहा गया है (ब्रह्मा नहीं), वही ब्रह्म जिसने पूरा ब्रह्माण्ड बनाया | हम (एक आत्मा) ब्रह्म के ही अंश हैं और यह बात हम 84 लाखवी योनि में पहुंचकर ही समझ सकते हैं | ब्रह्म तक पहुंचने के लिए ब्रह्म ने 11 लाख मनुष्य योनियां स्थापित की हैं | अध्यात्म की राह […]


भगवान को कैसे पा सकते हैं ?

जो भगवान को पाना चाहते हैं – उन लोगों से अगर यह पूछा जाए किसे पाना चाहते हो, भगवान कौन होते हैं तो मेरा विश्वास ही नहीं 200% मत है पूरी धरती पर एक इंसान नहीं मिलेगा जो इन प्रश्नों का उत्तर दे सके ? पाना सब चाहते हैं लेकिन क्या – नहीं मालूम |   मैं जब 5 वर्ष […]


क्यों अशरीरी सर्व शक्तिमान ईश्वर के बारे में भ्रांतियाँ हैं जबकि वे रचयिता हैं और कोई भी रूप लेकर दर्शन दे सकते हैं?

ब्रह्म सब कुछ कर सकते/ लेते हैं लेकिन प्रकट नहीं हो सकते | यह उनके लिए भी संभव नहीं | जब 37 वर्ष की आयु में 2 1/2 घंटे का साक्षात्कार हुआ तो उनसे बात तो ऐसे हो रही थी जैसे बगल में बैठे हों लेकिन सशरीर एक बार भी नहीं | इस जीवन में कितनी बार आए बातें करने/ […]