सही ज्ञान से क्या तात्पर्य है ?

हम ज्ञान को मूलतः दो भागों में बांट सकते हैं –   1.. किताबी ज्ञान जो हम पुस्तकों के माध्यम से अर्जित करते हैं – स्कूल, कॉलेज, university इत्यादि से | इस भौतिक विषयक ज्ञान की हमें जरूरत पड़ती है आजीविका के लिए यानि रोटी रोज़ी का साधन |   2.. जीवन की व्यस्तता से हटकर जब हम भगवान इत्यादि […]


सत्संग से हम क्या समझते हैं ?

भगवान की खोज में जब हम अध्यात्म में उतरते हैं तो किताबी ज्ञान से काम नहीं चलता | चिंतन करने के बावजूद कई प्रश्नों के उत्तर जब अथक प्रयासों के बाद भी नहीं मिलते तो बस सत्संग का ही सहारा रह जाता है |   सत्संग यानि ऐसे साधकों का समूह जो भगवान को खोजने की चेष्टा में लीन हैं […]


हमारी तकदीर पहले लिखी जा चुकी है या हम तकदीर खुद लिखते हैं ?

इंसान का जीवन क्रम एक accountant द्वारा लिखे बहिखाते की तरह चलता है | अगर आज का closing balance Rs. 981/= तो अगले दिन का opening balance भी Rs. 981/= ही रहेगा | इसमें ब्रह्म (business में लालाजी) भी दखलंदाजी नहीं करते या कर सकते | इसी प्रकार मानव जीवन में पिछले जन्म का closing balance तय करता है हम […]


मनुष्य जीवन का असली सच किसे पता है ?

जीवन का सच इंसान को सिर्फ और सिर्फ ब्रह्म से साक्षात्कार के बाद मालूम चल सकता है – पहले नहीं | ब्रह्म साक्षात्कार के बाद ही ज्ञात होता है कि हम एक आत्मा हैं और 84 लाख योनियां पार कर आखिरी योनि में पहुंच चुके हैं | आगे प्राप्त होने योग्य कुछ नहीं बचा ! मुक्त हुई आत्मा अंततः हमेशा […]


मानव जीवन में धर्म की सार्थकता क्या है ?

धर्म की सार्थकता को judge करने का अधिकार मनुष्य के पास है ही नहीं | क्यों ? धर्म वह नहीं जो मनुष्यों ने बना दिया है या मनुष्य जाति समझने लगी है | आजकल लोग धर्म को religion से जोड़ कर देखते हैं जो सर्वथा गलत है | धर्म का religion, मत, मजहब, पंथ इत्यादि से कोई connection नहीं | […]


आज का दिन अच्छा जाएगा या बुरा – कौन तय करता है ?

एक कर्मकांडी जो पहले से ही नकारात्मक विचारों में डूबा है – उसके साथ बुरा न हो जाए आदि विचारों से हर पल घबराया सा रहता है | आम इंसान इसी category में आता है | इसके विपरित सकारात्मक सोच रखने वाला इंसान – परिस्थिति कैसी भी हो घबराता नहीं | क्यों ? क्योंकि उसे खुद से ज्यादा भगवान पर […]


पहले Divide and Rule – अभी बंटोगे तो कटोगे – Yogi Adityanath

सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा 600 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारतीय गणराज्य की स्थापना करना आसान नहीं था लेकिन लौह पुरुष सरदार पटेल ने यह कर दिखाया | ब्रिटिश ने भी Divide and Rule की policy द्वारा भारत को जुड़ने नहीं दिया और भारत पर अपना वर्चस्व बनाए रखा | लेकिन अब घड़ा भरने को है – सोया […]


Trump की 2024 की जीत का महत्व – भारत और विश्व के संदर्भ में |

USA का उदय ही असामयिक परिस्थितियों में हुआ – British की आततायी नीतियों के कारण | जो भागकर गए और अमरीका बसाया वे भी उग्र विचारों वाले व्यक्ति ही थे | उग्रता तो जन्मजात है | US से नम्रता की उम्मीद आत्मघाती होगी – हो गया न USSR का 1991 में विघटन !   आज के समय में Deep State […]


भारतीय संरक्षण राजनीतिक परिपेक्ष में

Tibet और Ladakh जब जब भारतीय संरक्षण में रहे या हैं – फल फूल रहे हैं | भारत ने 10800 वर्षों के इतिहास में कभी किसी भी देश पर आक्रमण नहीं किया | कारण – भारत वसुधैव कुटुंबकम् की नीति पर चलता है – जैन धर्म के 24th तीर्थंकर भगवान महावीर द्वारा प्रदत्त जियो और जीने दो के सिद्धांत पर […]


ज्ञान की महिमा चिंतन में है – किताबी ज्ञान – गुरु प्रदत्त ज्ञान में नहीं |

कितने विस्मय की बात है – कटोरा एक ही है (दिमाग का कटोरा) ! चाहे उसे उपरी (किताबी ज्ञान) या गुरु प्रदत्त ज्ञान से भर लें | यह भी निश्चित है दोनों रास्तों से कटोरा कभी नहीं भरेगा | कटोरा तो ब्रह्म प्रदत्त ज्ञान से ही भरता है लेकिन तभी जब जगह खाली हो और हमे चिंतन करना आता हो […]


Raghuram Rajan – US / Deep State का भारत में सबसे ख़तरनाक mole !

भारतीय अर्थव्यवस्था को पंगु, चरमराने के लिए US/CIA द्वारा भारत पर थोपे गए पूर्व RBI governer – एक निहायत घटिया किस्म का इंसान | समय रहते देश से बाहर फेंका गया एक mentally corrupt गद्दार | इस इंसान के समय भारतीय मुद्रा Pakistan में duplicate dye का इस्तेमाल करके धड़ल्ले से निर्विरोध छपती रही जिस कारण भारत को मजबूरन नोटबंदी […]


CIA vs RAW – US vs भारत – कौन कितने पानी में ?

स्वतंत्र भारत के होमी जहांगीर भाभा ने जब कहा – भारत परमाणु बम बनाने में सक्षम है तो US ने CIA के द्वारा बेरहमी से उनकी हत्या करवा दी | स्वतंत्र भारत के 165 से ज्यादा दिग्गज scientists, statesman की CIA हत्या कर चुका है – क्या भविष्य में US/Deep state को इस बात की माफी मिलेगी ? कतई नहीं […]


शिवजी का तांडव नृत्य कब होगा – Coming world war 3 ?

शिवजी का तांडव नृत्य हमेशा संधिकाल की समाप्ति पर होता है | शिवजी का तांडव नृत्य मात्र symbolic है – यह दर्शाता है कि धरती पर अधर्म का बोलबाला हो गया है | शिवजी तांडव नृत्य करेंगे – धरती में नई जान फूंकेंगे यानि धर्म की पुनर्स्थापना करेंगे | Corona काल भी शिवजी के तांडव का छोटा स्वरूप था | […]


Israel Netanyahu की पीठ में खंजर कौन घोपेगा – US/ Deep State !

Iran द्वारा Israel के ऊपर ballistic missiles से वार और Israel चुप – क्यों ? क्या US की permission के इंतजार में ? नहीं – US/ Deep state तो चाहता ही नहीं Israel Iran को कोई जवाब दे | US/ Deep state और China – दोनों मंजे हुए व्यापारी हैं – बस माल बिकना चाहिए | आपने देखा US के […]


वैश्विक इस्लामिक आतंक का 2030 तक पूरे विश्व से सफाया !

क्या आप जानते हैं आने वाले तृतीय विश्व युद्ध का सबसे बड़ा फल पूरी दुनिया को क्या मिलेगा – आतंक का संपूर्ण विश्व से हमेशा के लिए सफाया (1000 साल तक तो सतयुग ही कायम रहेगा) – उसके बाद स्थिति शनैः शनैः खराब होनी शुरू होगी | तृतीय विश्व युद्ध यानि आज का महाभारत – अधर्म का नाश और धर्म […]


आध्यात्मिकता और सकारात्मक सोच (विचार) – कितना जरूरी ?

अध्यात्म की राह पर चलने के लिए सकारात्मक विचारों का कितना महत्व है – 100% | हम अगर हर क्षण positivity में व्याप्त रहने नहीं रह सकते तो अध्यात्म हमारा क्षेत्र नहीं | कोई कहे मैं 23 घंटे सकारात्मक विचारों में डूबा रहता हूं लेकिन एक घंटे तो नकारात्मक विचार हाबी हो ही जाते हैं तो ध्यान रहे – 23 […]


सोच – मानव जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हथियार !

जीवन में (आध्यात्मिक या भौतिक) ज्यादातर लोगों का मानना है – समय से मूल्यवान कुछ भी नहीं | हर पल कीमती है – गुजरा हुआ समय वापस नहीं आता | 70~80 वर्ष के जीवन में व्यर्थ गंवाने के लिए समय है ही कहां – इत्यादि ! क्या समय से बढ़कर ज्यादा मूल्यवान कोई चीज है ?   मैं भी जीवन […]


Israel द्वारा Hamas और Hezbollah पर हमला – सिर्फ अपने अस्तित्व के लिए

Israel कभी भी किसी भी देश पर हमले की फिराक में नहीं रहता | भारत की तरह Israel तभी युद्ध में उतरता है जब स्वयं का अस्तित्व खतरे में हो या दुश्मन अकारण ललकार रहा हो – जैसा Hamas ने Gaza में किया | पहले इस्राइली घरों में काम ढूंढा – उनका विश्वास प्राप्त किया और फिर उन्ही घरों की […]


मैं और अध्यात्म – सही या ग़लत ?

आज के समय में अगर कोई व्यक्ति कहे कि मैं आध्यात्मिक सफर में हूं – मैं वेदों, उपनिषदों और भगवद गीता में निहित ज्ञान को समझने की कोशिश कर रहा हूं – तो क्या वह आध्यात्मिक हो गया ? कोई अगर सतसंगों, प्रवचनों में इसलिए जाता है कि आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होगा – तो क्या वह व्यक्ति सही कर रहा […]


Israel द्वारा Lebanon पर जमीनी आक्रमण – सही होगा या गलत ?

Israel द्वारा Lebanon पर जमीनी आक्रमण उसकी सबसे बड़ी आखिरी भूल होगी – क्योंकि इस भूल से निकलने का मौका (प्रायश्चित करने का मौका) Israel को फिर नहीं मिलेगा | अगर Israel इस बार Lebanon के विरूद्ध जमीनी युद्ध में उतर गया तो जड़ से खत्म हो जायेगा | कारण – Hezbollah तो मात्र एक मोहरा है – असली लड़ाई […]


Israel Lebanon युद्ध क्या world war 3 की ओर ले जायेगा ?

Israel की सैन्य शक्ति तभी तक है जब तक US उसकी direct backing में है | अन्यथा चारों ओर से इस्लामिक देशों से घिरा होने के कारण इस बार हालात 1967 के मुकाबले भिन्न हैं | आर या पार की लड़ाई में दोनो शक्तियां (Israel और Iran) इस बार एक दूसरे को निबटा कर ही छोड़ेंगे | Israel अगर Lebanon […]


World War 3 शुरू होने की तारीख – April 2026 के बाद कभी भी |

यूं तो वर्तमान में हालात देख कर लगता है – ww3 कभी भी शुरू हो सकता है | लेकिन ww3 कौन चाहता है – ऐसी विभीषिका जिसमे 140~160 करोड़ जानें चली जाएंगी | मौत का ऐसा तांडव नृत्य दुनिया पहली बार देखेगी | पूरे समाज की छटाई जो होनी है | पूरी दुनिया की 20% आबादी खत्म हो जायेगी | […]


बड़ा कौन छोटा कौन – आध्यात्मिक संदर्भ में !

अरे सुनो – पड़ोसी के यहां एक नन्हा मेहमान आया है – चलो चल कर आशीष दे आते हैं | कितनी खुशी की बात है – कितने दिनों से कोशिश कर रहे थे और परेशान भी थे | हाय ! हमारा छोटू इस दुनिया में कब आएगा ! पत्नी भौतिक मिजाज़ की थी और पति आध्यात्मिक | बोला – जिसे […]


अतिशीघ्र आने वाले गृहयुद्ध की आपदा भारत को झुलसा देगी !

कोई भी गृहयुद्ध कभी अकारण स्वयं से नहीं होता बल्कि कराया जाता है | जब देश में अस्थिरता पैदा करनी हो तो गृहयुद्ध से बेहतर क्या ? 2014 में भारत सही मायने में एक जिंदादिल देश के रूप में उभरा | यह सब opposition में बैठी parties को बर्दाश्त नहीं | उन्हें मौका ही नहीं मिल रहा भ्रष्टाचार कर सम्पत्ति […]


Israel द्वारा Lebanon में pre-emptive strike सही या गलत ?

जब गोधरा कांड में नासमझ बेगुनाह निहत्थे 59 कारसेवकों को बोगी के अंदर जिंदा जला दिया गया तो नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने क्या कहा था – 1 के बदले 30 मारूंगा | Hamas ने धोखे से Israel में घुसकर जब लगभग 1500 इस्राइलियों को मार डाला/ बंधक बना लिया तो Israel ने पूरी ताकत के साथ समस्त हमास को समेट […]


गुरुकुल परंपरा का महत्व – आध्यात्मिक परिवेश में |

प्राचीन काल में स्थित शिक्षा प्रदान करने की गुरुकुल परंपरा अपने आप में शिक्षा का उच्चतम साधन है | विश्व में गुरुकुल परंपरा से शीर्ष विद्या प्रदान करने की प्रणाली और कोई हो ही नहीं सकती | प्राचीन गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी विभिन्न कलाओं में पारंगत होता था | जीवन कैसे जीना चाहिए – यह सब गुरुकुल में तर्कसंगत […]


भारत हिन्दू राष्ट्र था है और हमेशा रहेगा !

भारत 10800 वर्षों से हिन्दू राष्ट्र ही है | 1947 से पहले यह कई रियासतों में बंटा हुआ था | लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सभी रियासतों को खत्म कर पूरे देश को एक कर दिया | भारत बंटा तो देश के भीतर छिपे गद्दारों, जयचंदों के कारण – भारत पर जितने भी आक्रमण हुए वह भी देश […]


आज के युग में UN की भूमिका एवं सार्थकता

किसी भी देश की संप्रभुता के साथ खेलना हो, उसे दबाना हो या उस पर कंट्रोल स्थापित करना हो और अगर वह कंट्रोल में नहीं आए तो उस देश में अस्थिरता पैदा करना ही एकमात्र उद्देश्य है UN को पैदा करने का | Deep State US के, CIA के माध्यम से इसमें पूरी तरह सफल भी हुआ | दुनिया में […]


बब्बर शेर अकेला – बब्बर शेर ही होता है |

भारतीय राजनीति का बब्बर शेर, बीजेपी का नरेंद्र कोई साधारण व्यक्तित्व का इंसान नहीं | एक परिपक्व राजनीतिज्ञ होने के साथ साथ वह एक सफल और कुशल कूटनीतिज्ञ (statesman) भी है | भले ही बीजेपी को 2024 के elections में पूर्ण सफलता हाथ नहीं लगी लेकिन बब्बर शेर के बर्ताव या व्यवहार में कोई कमी आई – नहीं | बिल्ली […]


आप जिंदगी जी रहे हैं या गुजार रहे हैं ?

सच्चा आध्यात्मिक साधक जिंदगी का एक पल अकारण व्यर्थ नहीं करता – वह हर पल को जीता है | 70~80 वर्ष के जीवन में समय यूं ही गंवाने के लिए है ही कहां ? जीवन का हर पल चिंतन में व्यतीत करना होगा | अगर हम हर समय चिंतन नहीं करेंगे तो अपने अंदर उमड़ते हजारों प्रश्नों के उत्तर कैसे […]